पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। जिले के रंग कर्मचारियों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच नहीं मिल रहा है। नाहन की बंद पड़ी फाउंडरी की चार बीघा 11 बिस्वा भूमि में करोड़ों की लागत से ऑडिटोरियम का निर्माण होना है। इसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2017 में किया था। लेकिन शिलान्यास के बाद यहां एक ईंट तक नहीं लग पाई है। इससे जिले के कलाकारों में भारी रोष है।
कलाकारों का कहना है कि पहले भूमि न मिलने के कारण ऑडिटोरियम का कार्य बजट के बावजूद सालों तक लटका रहा। अब बजट और भूमि दोनों है। इसका शिलान्यास भी हो चुका है। पांच करोड़ की राशि लोनिवि को भेजी जा चुकी है। ऐसे में इसका कार्य शुरू न होना कलाकारों के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर हमेशा से ही अपनी कला और कलाकारों के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में यहां बेहतर मंच न होना दुखदायी है।
जल्द शुरू होग काम : अनिल
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनिल शर्मा ने कहा कि ऑडिटोरियम निर्माण के लिए एस्टिमेट भेज दिया है। टेंडर प्रक्रिया जारी है। जल्द ही ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
क्या कहते हैं कवि, कलाकार
1. चित्रकार वासिक शेख ने कहा कि ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। इसके न होने से कलाकारों को बेहतर मंच नहीं मिल रहा है।
2. कवि अनंत आलोक ने कहा कि ऑडिटोरियम निर्माण का कार्य पहले भूमि न होने से सालों लटका रहा। अब शिलान्यास के बाद निर्माण न होना सही नहीं है।
3. कवि मामराज शर्मा ने कहा कि धन और मंच का अभाव कलाकारों की प्रतिभा के साथ न्याय नहीं होने दे रहा है। ऑडिटोरियम जल्द बने तो कलाकारों को राहत मिलेगी।
4. कवि शिव राज सिंह ने कहा कि बेहतर मंच के अभाव में पहले ही कई प्रतिभाएं दम तोड़ चुकी हैं। मौजूदा समय की प्रतिभाओं के साथ न्याय होना चाहिए।
5. कवि भुवन जोशी ने कहा कि अॅाडिटोरियम से कलाकारों को मंच ही नहीं, बल्कि उन्हें ठहरने आदि की सुविधा भी मिलेगी। इसे जल्द बनाया जाना चाहिए।