शिलाई (सिरमौर)। शिलाई खंड पंचायत प्रधान परिषद ने पंचायतों में 50 हजार से अधिक के विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग के माध्यम से करवाने के सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। परिषद ने इस फैसले का वापस लेने की मांग की है। इस बारे परिषद ने निदेशक पंचायती राज व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रस्ताव पारित कर पुन: विचार करने की मांग की है। शिलाई में आयोजित पंचायत प्रधान परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष रमेश चौहान ने 50 हजार से अधिक राशि के कार्यो को ई-टेंडरिंग के माध्यम से ठेकेदारों के द्वारा करवाए जाने के सरकार के इस निर्णय की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार पंचायत के माध्यम से आम लोगों को रोजगार देने की बात करती है, दूसरी ओर ठेकेदारी को बढ़ावा दे रही है। पंचायतों में भी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से होने वाले कार्यों में स्थानीय पंचायतों की जनता को रोजगार नहीं मिल पाएगा। इस अवसर पर बीजा राणा, सरिता तोमर, अनिता देवी, अर्चना राणा, चंद्रकला, सतपाल, देवेंद धीमान, भूप सिंह, आत्माराम सहित कई पंचायत प्रधान उपस्थित थे।