विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप
मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से शिकायत
शहरी क्षेत्रों में नियमों के अनुसार हो रहे कार्य : नप
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री को शिकायत भेजी है। इसमें शहरी क्षेत्र के विकास कार्यों में अनियमितता और धन के आवंटन में दुरुपयोग की उचित जांच विजिलेंस से करवाने का आग्रह किया गया है। वहीं, पांवटा नप कमेटी की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
पांवटा नगर परिषद कमेटी के वार्ड-5 निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चतर सिंह चौधरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शहर विकास मंत्री सरवीण चौधरी को शिकायत पत्र भेजा है। इसमें नगर परिषद कमेटी पांवटा की ओर से विकास कार्यों में अनियमितता और धन के आवंटन पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने शिकायत में कहा है कि पिछले वर्ष 661 ट्रैक्टर ट्राली गटका पर 9.71 लाख खर्च दिखाया गया था। ठेकेदार को राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। उस ठेकेदार ने सामग्री पर रॉयल्टी और जीएसटी बिल में कहीं नहीं दिखाए हैं। वर्ष 2018 में दो से आठ मार्च तक प्रशासनिक स्वीकृति के आधार पर जिला स्तरीय होली मेला हुआ जो आठ से 12 मार्च तक चलता रहा। मेले में बढ़ाए गए चार दिन में व्यापारियों से कितना किराया वसूला गया, इसका कोई हिसाब नहीं है। इस दौरान बिजली मीटर व पानी का खर्चा नप कमेटी ने किया। तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मी के टीए-डीए का भी व्यर्थ में भुगतान किया गया। पर्यटन विभाग के होटल यमुना में खाने-पीने पर हुए खर्च की भी विजिलेंस जांच मांगी गई है। आरटीआर्ई एक्टिविस्ट ने कहा कि पांवटा प्रवास के दौरान शहरी विकास मंत्री ने गटका मामले में उचित जांच का आश्वासन दिया था। इसलिए सीएम व शहरी विकास मंत्री को पत्र भेज दिया है। उधर, पांवटा नगर परिषद कमेटी की अध्यक्ष कृष्णा धीमान और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पांवटा के शहरी क्षेत्र में सभी विकास कार्य तय शर्तों और नियमानुसार ही किए जा रहे हैं।