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पेयजल किल्लत से गुस्साए ग्रामीणों ने किया दफ्तर का घेराव

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टूंडला में पेयजल संकट के चलते टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है
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अमर उजाला ब्यूरो
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सराहां (सिरमौर)।
पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली घी मतलाना उठाऊ पेयजल योजना में पिछले दो सप्ताह से पानी की आपूर्ति न होने से खिन्न ग्रामीणों ने सहायक अभियंता कार्यालय का घेराव किया। लानाबांका पंचायत की प्रधान कौशल्या भारद्वाज के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने पानी की किल्लत से हो रही परेशानियों से विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को अवगत करवाया। हालांकि, गुस्साए ग्रामीणों को मौके पर सहायक अभियंता नहीं मिल पाए लेकिन ग्रामीणों ने कनिष्ठ अभियंता को पेयजल किल्लत के बारे में जानकारी दी।


ग्रामीणों ने विभाग को साफ तौर पर चेताया कि यदि दो दिन के भीतर लोगों को पानी नसीब नहीं हुआ तो वह सड़कों पर उतर कर चक्का जाम करेंगे। इसके लिए आईपीएच विभाग स्वयं जिम्मेदार होगा।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रतिज्ञा पाल शर्मा, राजेंद्र कुमार, कौशल कुमार, देवराज, वरुण कुमार, जगदीश, रजनीश, राजेंद्र, देवेंद्र सिंह, अनिल कुमार, विवेक, चंद्रधर शर्मा, रणवीर सिंह, बाबूराम, सुनील दत्त व रतन दत्त ने बताया कि उनके गांव धार चीमलुआ, घावग, भगायण, बनुना, चनालग, अजग, मझोटली, कुईल व बसाहां इत्यादि गांव के लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि स्रोत में भारी मात्रा में पानी होने के बावजूद भी लोगों को एक-एक किलोमीटर दूरी से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है जिस कारण लोगों में व्यापक रोष पनपा हुआ है।


ग्रामीणों ने कहा कि इस योजना के तहत कई लोगों ने बिना अनुमति के पानी के कनेक्शन लिए हुए हैं। कई लोगों ने एक नाम पर तीन से चार-चार कनेक्शन ले रखे हैं। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि विभाग इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करें ताकि पानी सबको मिल सकें। ग्रामीणों ने कहा कि इस योजना के तहत जो कर्मचारी लोगों को पानी देते हैं, वह भी मिलीभगत से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग योजना में घर के नजदीक कार्यों पर विभाग ने रखे गए हैं उन कर्मचारियों को दूसरे स्थानों में भेज कर इनसे काम लिया जाए।
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उधर, सहायक अभियंता सराहां सुभाष चौहान ने बताया कि शीघ्र ही लोगों को पेयजल सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस योजना के जीर्णोद्धार के लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं जिससे योजना में जहां नई मशीनरी दी जाएगी वहीं बड़ी क्षमता के टैंक भी बनाए जाएंगे ताकि भविष्य में पानी की कोई समस्या न हो।
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