अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में हाटी व गुर्जर समुदाय जनजातीय आरक्षण के मुद्दे को लेकर गुज्जर कल्याण सभा का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड़्डा से मिला। गुज्जर नेताओं का कहना है कि उन्हें साढ़े सात फीसदी जो आरक्षण मिला है, उसे बांटने की कोशिशें हो रही हैं। हाटी समुदाय को आरक्षण दिए जाने पर गुर्जर समुदाय को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जो उनका साढ़े सात फीसदी आरक्षण है उसमें किसी अन्य को सम्मिलित करके उनका हक न छीना जाए।
गुर्जरों का कहना है कि हाटी समुदाय को सरकार राजस्थान की तर्ज पर विशेष पिछड़ा वर्ग में भी आरक्षण दे सकती है। गुर्जर समाज कल्याण परिषद के प्रधान हंसराज, युवा गुज्जर समाज कल्याण संघ के प्रधान रवि कुमार ने बताया कि गिरिपार क्षेत्र की जनसंख्या 7.8 लाख है और दो विधानसभा क्षेत्रों रेणुका व पच्छाद के लोग इसमें शामिल हैं। यह परिवार अधिकांश स्वर्ण जातियों के हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय दर्जा मांगने वाले हाटी समुदाय के पास चूने के पत्थर की खानें, सेब के बगीचे, कृषि योग्य भूमि है और प्रशासनिक सेवाओं में भी तैनात हैं। जबकि, गुर्जर समाज भूमिहीन, घुमंतू, यायावर कबीलों व गोपालक हैं। इस समाज के लोगों की संख्या प्रशासनिक सेवाओं में दहाई के एक अंक को भी पार नहीं करती। अधिकांश गुर्जर समाज के लोग अपने मवेशियों के साथ वर्ष में दस महीने पलायन करके यमुना, सतलुज व गंगा के किनारे रहते हैं। आय के कोई भी साधन नहीं है। धौलाकुआं में प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान गुर्जर समुदाय के लोग मसले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी से मिले और हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिए जाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
युवा गुज्जर समाज कल्याण संघ के प्रधान रवि कुमार व हंसराज ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी बात को सुना और आश्वासन दिया कि गुज्जर समाज के 7.5 फीसदी के आरक्षण के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। हाटी समुदाय को 7.5 फीसदी के अतिरिक्त आरक्षण दिए जाने की सिफारिश की जाएगी।