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श्रुति के लापता होने के बाद श्रद्धालुओं में भय

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संगड़ाह (सिरमौर)। चूड़धार में इन दिनों श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाई। खराब मौसम व भारी बारिश की परवाह किए बगैर सैकड़ों यात्री शिरगुल महाराज के दर्शन करने के लिए चूड़धार पहुंचे।
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चूड़धार से श्रुति के लापता होने के बाद श्रद्धालुओं में बच्चों को लेकर असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लोग 5 से 10 साल के बच्चों को चूड़धार तो ला रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता उनके चेहरे पर साफ झलक रही है। लोग यात्रा के दौरान खुद ही सुरक्षा घेरा बनाकर बच्चों को बीच में रखकर चल रहे हैं। बच्चों को अपनी निगरानी में चूड़धार पहुंचाया जा रहा है।
नौहराधार, सराह, कंडा बनाह, हरिपुरधार, पुलवाहल के रास्ते से पैदल चलकर यात्री चूड़धार पहुंच रहे हैं। इन दिनों सबसे अधिक यात्री कांडा बनाह के रास्ते से जा रहे हैं। सिरमौर जिले के अलावा उत्तराखंड व हरियाणा से आने वाले अधिकतर यात्री कंडा बनाह के रास्ते से चूड़धार पहुंच रहे हैं। यात्री कंडा बनाह तक गड़ियों में पहुंच रहे हैं, जबकि वहां से आगे चूड़धार तक की यात्रा पैदल कर रहे हैं। चूड़धार यात्रा पर आए कोरग निवासी संजीव राणा ने बताया कि उन्होंने बच्चों को चूड़धार मंदिर ले जाने की मन्नत मांगी थी। इस कारण वह अपने दोनों बच्चो को चूड़धार लेकर आए हैं। लेकिन, जब से श्रुति गायब हुई है, तबसे मन में असुरक्षा का भाव बना रहता है। वह अपने रिश्तेदारों के साथ यात्रा पर आए हैं और सभी बच्चों को बीच में रखकर उनको सुरक्षा के घेरे में लेकर चल रहे हैं। हरिपुरधार से यात्रा पर आए अश्वनी ठाकुर ने बताया कि वह अपनी 5 वर्ष की बच्ची को भी चूड़धार लाना चाहते थे, लेकिन श्रुति के लापता होने के बाद मन में भय बैठ गया। लिहाजा वह उसे साथ लेकर नहीं आए।
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