नाहन (सिरमौर)।
पंद्रह किलोमीटर के सफर में क्या किसी वाहन को पांच घंटे का समय लग सकता है? या यूं कहें कि पैदल चलने वाला व्यक्ति भी 15 किलोमीटर का सफर एक से डेढ़ घंटे के बीच तय कर लेगा।
जी हां, यहां बात हो रही है लोगों को जीवन बचाने वाली जीवनदायिनी एंबुलेंस 108 की। दरअसल, एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने में ही सराहां अस्पताल में मरीजों के सेवाओं के लिए रखी गई जीवनदायिनी ने 15 किलोमीटर का सफर तय करने में 5 घंटे का समय लगा दिया। मामला वीरवार शाम करीब पांच बजे का है। जब रास्ते में गिरे एक मरीज को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि पच्छाद के कोट धड़ोल निवासी महेंद्र सिंह खच्चर पर सामान लेकर जा रहा था कि रास्ते में अचानक पैर फिसला और 10 फीट नीचे गिरने के बाद बेहोश हो गया। जब स्थानीय निवासी देवेंद्र सिंह, गोरख राम व कुलदीप ने उन्हें इस हालत में देखा तो उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया लेकिन जब जगासी की सैर से गंभीर रूप से घायल महेंद्र सिंह को बेहोशी की हालत में एंबुलेंस में रखा तो कुछ ही दूरी तय करने के बाद एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आ गई।
इंजन में खराबी के चलते घायल के परिजन भी घबरा गए और उन्होंने उन्होंने स्थानीय विधायक सुरेश कश्यप को पूरी घटना की जानकारी दी। इस पर विधायक ने अधिकारियों को तत्काल मदद करने के निर्देश दिए। देवेंद्र सिंह और गोरख राम ने बताया कि 108 जैसे ही जगाजी की सेर से निकली, कुछ ही देर में एंबुलेंस से धुआं निकलना शुरू हो गया।
उन्होंने बताया कि रात के समय में घने जंगल में और किसी वाहन की व्यवस्था न होने के कारण 108 के ड्राइवर ने लगभग 4-5 घंटों में गाड़ी को सराहां अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद महेंद्र को नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया तो यह एंबुलेंस दूसरी एंबुलेंस के सामने खड़ी थी। अस्पताल के बाहर खड़ी यह एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई तो धक्का लगाकर साइड किया गया।
उधर, बीएमओ पच्छाद डॉ. यशवंत ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही इस संबंध में 108 के प्रभारी को उचित दिशा निर्देश दिए जाएंगे ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।