पांवटा साहिब (सिरमौर)। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पांवटा कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है। ओबीसी सेल के जिला स्तरीय सम्मेलन के दौरान भी वक्ताओं ने मंच से गुटबाजी पर चिंता जताई। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों मेें कहा कि पांवटा क्षेत्र से पिछड़ने का कारण ही नेताओं का अपनी डफली, अपना-अपना राग है। इस पर प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने हर प्रकार की गुटबाजी को समाप्त कर उनको एक साथ चलने का पाठ पढ़ाया। बता दें कि बुधवार को भाटिया पैलेस पांवटा में कांग्रेस ओबीसी सेल का जिला स्तरीय सम्मेलन हुआ। इसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर के समक्ष वक्ताओं ने अपने विचारों में गुटबाजी के चलते संगठन की फजीहत होने की आशंका की दो टूक बात कही। जिला कांग्रेस महासचिव हरप्रीत सिंह, चैन सिंह चौधरी और जगदीश चौधरी ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए आपसी गुटबाजी समाप्त होना जरूरी है। पांवटा में अपनी डफली-अपना राग अलापने पर विराम लगना जरूरी है। इसके चलते संगठन के कर्मठ कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा दिक्कतें आती रही हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में एकजुट होकर कार्य करें तो सार्थक परिणाम सामने आ सकते हैं। होटल यमुना के बाहर भी पांवटा कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता आपस में बहस करते दिखे। आपसी गुटबाजी के चलते विगत विधानसभा चुनाव में पांवटा से कांग्रेस प्रत्याशी 12 हजार से अधिक मतों से हारे थे। आगामी लोकसभा चुनाव में भी अब तक स्थानीय नेताओं में आपसी सामंजस्य प्रचार अभियान में नहीं दिखा है। इसके चलते वक्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष के समक्ष मंच से दो टूक कहा कि आपसी गुटबाजी को सबसे पहले दूर किया जाए। उधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि सबको एक साथ लेकर चलेंगे। पांवटा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय नेताओं के बीच आपसी दूरियां कम होंगी, जिससे शिमला संसदीय क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी कर्नल धनी राम शांडिल को पांवटा क्षेत्र से बढ़त दिलाई जा सके।