पांवटा साहिब (सिरमौर)। किडनी रोगियों के लिए राहत वाली खबर है। सिविल अस्पताल पांवटा में डायलिसिस की सुविधा जल्द शुरू होने वाली है। इन दिनों अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में पीपीपी मोड पर मिलने वाली इस योजना का सिविल कार्य शुरू हो गया है। सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल अक्तूबर से पांवटा अस्पताल में ही डायलिसिस सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। डायलिसिस के लिए अभी जिले के मरीजों को उत्तराखंड, हरियाणा और चंडीगढ़ के अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रदेश सरकार ने राही केयर कंपनी चंडीगढ़ से पिछले दिनों ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) पर अनुबंध किया है। कंपनी प्रबंधन ने पांवटा सिविल अस्पताल के मैदानी तल में पुराने भवन में योजना का सिविल वर्क भी शुरू कर दिया है। पुराने भवन को योजना के हिसाब से डायलिसिस मशीनों और स्टॉफ सुविधा अनुसार तैयार करवाया जा रहा है। डायलिसिस केंद्र में महत्वपूर्ण मशीनें लगेंगी, जिनसे किडनी रोगियों के मरीजों का खून बदला जा सकेगा। सैंपल रखने के लिए बाकायदा स्टोर की व्यवस्था की गई है।
अक्तूबर तक मिलेगी सुविधा : सीएमओ
सीएमओ सिरमौर डॉ. संजय शर्मा और सिविल अस्पताल पांवटा प्रभारी डॉ. संजीव सहगल ने कहा कि निजी कंपनी राही केयर चंडीगढ़ को पीपीपी मोड पर योजना का कार्य दिया गया है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि सितंबर तक कार्य पूरा होगा, जिसके बाद मरीजों के लिए सुविधा शुरू हो जाएगी। योजना में बीपीएल, आईआरडीपी कार्ड और हेल्थ इंश्योरेंस वालों के लिए निशुल्क डायलिसिस की सुविधा होगी।
मरीजों को मिलेगी
सिरमौर नागरिक कल्याण समिति अध्यक्ष राजेंद्र मोहन रमौल, हिमोत्कर्ष सिरमौर इकाई अध्यक्ष आरपी तिवारी, सिरमौर माइन संघ अध्यक्ष मीत सिंह ठाकुर और रोड सेफ्टी क्लब अध्यक्ष पांवटा भजन चौधरी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से डायलिसिस सुविधा की मांग उठाई जाती रही है। डायलिसिस के बिना किडनी मरीजों की मौत तक भी हो जाती है। निजी अस्पतालों में डायलिसिस मरीजों को पांच से आठ हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। अस्पताल में ही यह सुविधा मिलने से मरीजों की सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।