पांवटा साहिब (सिरमौर)।
वर्ष 2012 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पांवटा विस सीट पर कब्जा जमाने वाले चौधरी किरनेश जंग जनता की नब्ज नहीं भांप पाए। अपनी बिरादरी में भाजपा नेता पहले ही मजबूत रहे हैं। इस बार पांवटा शहरी क्षेत्र और आंजभोज क्षेत्र ने भी खूब कमल खिलाया है। इसके चलते भाजपा ने प्रचंड बढ़त से जीत दर्ज की है। वर्ष 2012 के चुनाव में किरनेश जंग को 45 बूथों से लीड मिली थी। इस बार लीड केवल 16 ही बूथों तक सिमट गई।
अपनी पंचायत भाटांवाली में भी किरनेश जंग को लीड नहीं मिल सकी।
भाजपा प्रत्याशी ने पिछली बार अपनी हार से सबक लिया। हर बूथ पर अपनी स्थिति को मजबूत कर 80 बूथों पर शानदार ढंग से बढ़त ली। भाजपा की रणनीति का हिस्सा अपना बूथ सबसे मजबूत रंग लाया। बताते चलें कि वर्ष 2012के विधानसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय किरनेश जंग ने 790 मतों से जीत दर्ज की थी। तब भाजपा सरकार में सीपीएस रहे सुखराम चौधरी को हरा कर विधायक बनेे। उस दौरान पांवटा क्षेत्र में 94 मतदान केंद्र थे।
निर्दलीय प्रत्याशी ने 45 पोलिंग बूथों पर लीड ली। जबकि, भाजपा के प्रत्याशी को 36 बूथों पर बढ़त मिल सकी थी। इस बार पांवटा विस चुनाव-2017 में कुल 96 मतदान केंद्र थे जिसमें भाजपा के प्रत्याशी सुखराम चौधरी नेे 80 बूथों पर बढ़त प्राप्त कर चौंका दिया। इस बार, कांग्रेस टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे किरनेश जंग को केवल गुलाबगढ़, किरतपुर भगवानपुर, सूरजपुर, भाटांवाली, अमरकोट, हीरपुर टोहाना-1, हीरपुर टोहाना -2, मोहकमपुर नवादा-1, नवादा-2, गोरखूवाला, श्यामपुर, कुलथीना, नघेता, बढ़ाणा, भगानी-5 व गोजर अडेन पोलिंग बूथों सेे ही बढ़त मिल सकी। वह अपनी गृह पंचायत और शहरी क्षेत्र की बढ़त को भी बरकरार नहीं रख पाए। शहरी क्षेत्र से किरनेश जंग को पिछली बार करीब डेढ़ हजार की लीड मिली थी। इस बार भाजपा प्रत्याशी को दो हजार से अधिक की लीड मिली है। गिरिपार के आंजभोज क्षेत्रों से भी करीब एक हजार से अधिक की बढ़त के चलते भाजपा प्रत्याशी ने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की है।
उधर, पांवटा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे चौधरी किरनेश जंग ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांवटा विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जनता की नब्ज नहीं टटोल सके। हर क्षेत्र, वर्ग, शहर से गांव तक विकास किया गया था। विस चुनाव में हार के कारणों पर मंथन होगा। भाजपा के सुखराम चौधरी व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने कहा कि पिछली हार से सबक लिया गया। इसलिए अपना बूथ सबसेे मजबूत रणनीति पर कार्य किया गया जिसके चलते रिकार्ड तोड़ 12619 मतों से जीत दर्ज हुई।