अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल मुख्यालय शिलाई और इसके आसपास के इलाकों में पानी का घोर संकट चल रहा है। वर्षों से चल रही इस समस्या के समाधान को कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। इससे नाराज शिलाई की महिलाएं बुधवार को सड़कों पर उतर गई।
सैकड़ों महिलाओं ने शिलाई बाजार में विरोध रैली निकालते हुए आईपीएच, प्रशासन और नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में महिलाओं ने चेतावनी भी दी है कि पानी देने की उचित व्यवस्था नहीं हुई तो वह विस चुनावों को बहिष्कार कर देंगी।
महिलाओं का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पानी की अनियमित सप्लाई के कारण सैकड़ों परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का पूरा दिन पानी का इंतजाम करने में ही गुजर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया की सभी सरकारी कार्यालयों व आवासों में पानी की कोई कमी नहीं है। बाजार के कुछ परिवारों को भी पानी की नियमित सप्लाई आ रही है लेकिन बड़े भाग में 15-20 दिनों के बाद पानी आ रहा है। लोग मजबूरन टैंकर लगाकर पानी का प्रबंधन करने को विवश हो रहे हैं। जिसके लिए हर रोज जेब ढीली करनी पड़ रही है।
गीता देवी, अत्तरो देवी, आशा देवी, नारायणी, विद्यादेवी व अन्य महिलाओं ने बताया कि आईपीएच विभाग ने बाजार के सार्वजनिक नलों को भी बंद किया है। आईपीएच के नलों में 20-25 दिनों के बाद पानी आता है।
आलम यह है कि लोगों को पानी भरने के लिए दो किलोमीटर दूर खाले में जाना पड़ रहा है। संपन्न परिवार हर रोज गाड़ियों में पानी ढो रहे हैं। 500 की आबादी के लिए बनी उठाऊ पेयजल योजना से विभाग 1500 की आबादी को पानी मुहैया करवा रहा है। इस योजना से जहां विभाग ने हजारों कनेक्शन दिए हैं वहीं कई अन्य गांवों को भी इससे जोड़ा गया है।
एसडीएम योगेश चौहान ने बताया कि महिलाओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपा है जिसे उचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया है।