किसानों को सही उत्पाद, सही मात्रा, सही समय और सही कृषि सलाह के माध्यम से वास्तविक मूल्य प्रदान करना सहकारी संस्थाओं की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह बात हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान ने मंगलवार को शिमला में आयोजित आईपीएल-हिमफेड सहकारी सम्मेलन में कही।
सहकारी संस्थाओं की भूमिका किसानों को केवल उर्वरक उपलब्ध करवाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। किसानों को सही उत्पाद, सही मात्रा, सही समय और सही कृषि सलाह के माध्यम से वास्तविक मूल्य प्रदान करना सहकारी संस्थाओं की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह बात हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान ने मंगलवार को शिमला में आयोजित आईपीएल-हिमफेड सहकारी सम्मेलन में कही। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ (हिमफेड) और इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में उर्वरकों की उपलब्धता और मांग, आयात पर निर्भरता तथा देश को उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
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इसके अलावा उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता और वितरण में सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। महेश्वर सिंह चौहान ने कहा कि हिमाचल में कृषि और बागवानी की परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। ऐसे में यहां के किसानों और बागवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता आधारित और गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मृदा स्वास्थ्य, कृषि की स्थिरता और आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उत्पादक क्षमता से भी जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि किसान और बागवान केंद्रित दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर हिमफेड और आईपीएल हिमाचल के किसानों और बागवानों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं। इससे किसानों को बेहतर उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा दोनों संस्थाओं के बीच आपसी सहयोग और विकास को भी नई दिशा मिलेगी। सम्मेलन के दौरान हिमफेड और आईपीएल के बीच भविष्य में संयुक्त रूप से किसान एवं बागवान केंद्रित मूल्यवर्धित सेवाएं, तकनीकी जागरूकता कार्यक्रम तथा बेहतर कृषि इनपुट एवं सेवाओं की उपलब्धता के लिए सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।