उन्होंने कहा कि देवभूमि की गरिमा को पुनर्स्थापित किया जायेगा और नशे को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को अब दृढ़तापूर्वक इस तरह के जागरूकता अभियानों का हिस्सा बनने की जरूरत है तभी हम समाज से नशे को समाप्त कर सकेंगे। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि हिमाचल को नशामुक्त बनाने में योगदान दें और नशे के खिलाफ हर अभियान को समर्थन प्रदान करें। उन्होंने उपस्थित युवाओं व धावकों को किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थो से दूर रहने बारे शपथ दिलाई।
राज्यपाल ने इस अवसर पर राज्य पुलिस द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी शुभारम्भ किया और 'सिग्नेचर बोर्ड' पर हस्ताक्षर कर लोगों को नशे के खिलाफ एकजुटता से कार्य करने का संदेश दिया। इस दौड़ के विजेता को 51 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। दौड़ को चार वर्गां में बांटा गया है, जिसमें हाफ मैराथन, मिनी मैराथन, ड्रीम रन और विशेष रूप से सक्षम प्रतिभागियों के लिए दौड़ शामिल है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस के उच्च अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।