स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए नौ मेडिकल ऑफिसर का चयन कर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों में शामिल पांच कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर और चार मेडिकल ऑफिसर को 15 दिन के भीतर ज्वाइन करने का समय दिया है। मेडिकल आफिसरों के ज्वाइन करने के साथ ही आपातकालीन विभाग का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे आपात स्थिति में आने वाले गंभीर मरीजों को तुरंत प्राथमिक उपचार की सुविधा मिलेगी। मरीजों को उपचार के लिए आईजीएमसी या अन्य अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहे नौ विभागों के मरीज आपात स्थिति में यहां आकर उपचार करवा सकेंगे। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को भी इस विभाग के खुलने से सुविधा होगी। उपचाराधीन मरीजों में किसी का निधन होने पर शव को जारी करवाने में पेश आने वाली समस्या भी नहीं रहेगी। नवंबर में अस्पताल का आपातकालीन विभाग कार्य करना शुरू कर देगा। अस्पताल में ओपीडी, लैब सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं पहले से मिल रही हैं। अस्पताल में सात सौ से आठ सौ मरीज हर रोज ओपीडी में जांच करवाने आते हैं।