राज्यपाल से मिलते राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में बुधवार को जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्यों ने राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। इस मौके पर नेगी ने राज्यपाल से जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृति का मामला दो वर्षों से लंबित है। राजस्व मंत्री इससे पूर्व भी राज्यपाल से इस संबंध में भेंट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही साल 2023 में नौतोड़ भूमि आवंटन को लेकर राज्यपाल से आग्रह किया था। नौतोड़ वन भूमि की स्वीकृति संविधान के अनुच्छेद 5 के तहत राज्यपाल के पास है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 को निरस्त किया जाए ताकि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र की युवा पीढ़ी को नौतोड़ भूमि का लाभ मिल सके। जनजातीय क्षेत्रों में लोगों के पास भूमि कम है। इस कारण बेरोजगारी है और लोग पलायन कर रहे हैं। लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने और पलायन रोकने के लिए पात्र लोगों को नौतोड़ भूमि आवंटन बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ वन भूमि के तहत पात्र परिवारों को 20 बीघा तक भूमि दी जा सकती है। इस अवसर जनजातीय सलाहकार परिषद की सदस्य लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, एडवोकेट अमर चंद, सूर्या प्रकाश बोरस, वीर सिंह नेगी, सुखदेव, केसर नंद नेगी, जय किशन नेगी, ललिता देवी, आशा नेगी, स्पीति से केसंग रपचिक और वीर भगत उपस्थित रहे।