फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्मशाला: रिकाॅर्ड से उड़ी लाल स्याही, गैर-कृषक परिवार ने आठ जगह खरीद ली जमीन, विजिलेंस करेगी मामले की जांच

Wed, 28 Oct 2026 06:40 AM IST
Krishan Singh तनुज सैणी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।

सार

वर्ष 1989 में गैर-कृषक कांगड़ा निवासी व्यक्ति को जमीन खरीदने की अनुमति देते समय स्पष्ट किया गया था कि उन्हें कृषक का दर्जा नहीं मिलेगा। इस शर्त को राजस्व रिकॉर्ड में लाल स्याही से दर्ज करना था लेकिन विशेष जांच दल (एसआईटी) के अनुसार ऐसा नहीं किया गया। 
विज्ञापन
जांच(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गगल हवाई अड्डे के आसपास संदिग्ध भूमि खरीद की जांच में एक मामले में अब राजस्व रिकॉर्ड से अहम शर्त गायब होने का मामला सामने आया है। वर्ष 1989 में गैर-कृषक कांगड़ा निवासी व्यक्ति को जमीन खरीदने की अनुमति देते समय स्पष्ट किया गया था कि उन्हें कृषक का दर्जा नहीं मिलेगा। इस शर्त को राजस्व रिकॉर्ड में लाल स्याही से दर्ज करना था लेकिन विशेष जांच दल (एसआईटी) के अनुसार ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद आरोपी की पत्नी और बेटे की ओर से जमीन खरीदने के मामले सामने आए हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो धर्मशाला थाना में कांगड़ा क्षेत्र निवासी विनोद कुमार, उनकी पत्नी रत्न प्रभा और बेटे मुनीष कुमार सहित संबंधित राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों को एफआईआर में नामजद किया है।

विज्ञापन
Trending Videos

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार व्यक्ति ने 21 दिसंबर 1989 को मौजा उज्जैन के हलैर कलां में 0.0355 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। इसके लिए सरकार ने 27 सितंबर 1989 को हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम की धारा 118 के तहत अनुमति दी थी। इसमें स्पष्ट शर्त थी कि वह गैर-कृषक ही रहेंगे और इस पाबंदी को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। जांच दल के मुताबिक संबंधित रिकॉर्ड में यह शर्त दर्ज नहीं मिली। जांच के अनुसार आरोपी की पत्नी ने 17 मई 2008 को गाहलियां में 0.0387 हेक्टेयर जमीन खरीदी। इस सौदे में पति के नाम वर्ष 1989 में खरीदी गई जमीन की जमाबंदी का इस्तेमाल किया गया।

इसके बाद पत्नी और बेटे ने कथित तौर पर कृषक प्रमाण पत्र हासिल कर कांगड़ा तहसील के विभिन्न क्षेत्रों में जमीन खरीदी। पत्नी ने 16 जनवरी 2010 को बीरता में 0.0422 हेक्टेयर, 22 फरवरी 2024 को बोदरबल्ला-उज्जैन में 0.0228 हेक्टेयर और 24 फरवरी 2025 को बीरता में 0.0255 हेक्टेयर जमीन खरीदी। वहीं, बेटे के नाम लालहेड़ और बोदरबल्ला-उज्जैन में वर्ष 2009, 2020 और 2024 के तीन भूमि सौदे दर्ज हैं। एसआईटी की रिपोर्ट में परिवार के तीनों सदस्यों के नाम कुल आठ भूमि सौदों का उल्लेख है। इनमें आरोपी के नाम एक, पत्नी के नाम चार और बेटे के नाम तीन सौदे हैं।पांच सौदों में कुल 0.1647 हेक्टेयर यानी करीब 3.26 कनाल जमीन का क्षेत्रफल दर्ज है।
विज्ञापन

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वर्ष 1989 में अनुमति की शर्त राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज क्यों नहीं की गई और बाद में कृषक प्रमाणपत्र किन दस्तावेजों के आधार पर जारी हुए। संबंधित पटवारियों, कानूनगो, तहसीलदारों और पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विजिलेंस थाना धर्मशाला में बीएनएस की धारा 318 (4), 336 (3), 340 (2) और 61 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच में सरकारी अनुमति, जमाबंदी, इंतकाल, कृषक प्रमाणपत्र और जमीन की रजिस्ट्रियों की पड़ताल की जाएगी। विजिलेंस ने कांगड़ा क्षेत्र निवासी विनोद कुमार, उनकी पत्नी रत्न प्रभा और बेटे मुनीष कुमार सहित संबंधित राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों को एफआईआर में नामजद किया है। इस मामले में विजिलेंस थाना धर्मशाला में 24 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें