संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। जायका वानिकी परियोजना के तहत वन मंडल रोहड़ू और चौपाल वन मंडल के नेरवा में जल्द ही मल्टीपर्पज आउट लैट खुलेंगे। इन केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों की बिक्री होगी। दोनों वन मंडलों में आउट लैट्स में जायका प्रोजेक्ट के अपने ब्रांड हिम ट्रेडिशन के उत्पाद बिकेंगे। सोमवार को वन मंडल चौपाल के अंतर्गत कुपवी में एक कार्यशाला हुई। इस दौरान जायका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने कहा कि चौपाल वन मंडल के अंतर्गत कांडा रेंज में 16 स्वयं सहायता समूह आजीविका सुधार के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। फूड प्रोसेसिंग, कटिंग-टेलरिंग और वर्मी कंपोस्ट के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे हैं। समीर रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आयोजित होने वाले स्थानीय मेलों में भी स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयाए किए उत्पादों की बिक्री की जा रही है। उसके लिए स्वयं सहायता समूहों को परियोजना की ओर से टेंट की सुविधा भी दी गई है। कुपवी में आयोजित कार्यशाला के दौरान मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस बार वन महोत्सव के दौरान अधिक से अधिक पौधे रोपने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना और वन समृद्धि-जन समृद्धि योजना के तहत हिमाचल के हर क्षेत्रों में हरियाली लाने के लिए यह परियोजना प्राथमिकता के तौर पर काम कर रही है। इस अवसर पर परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, डीएफओ चौपाल जंगवीर सिंह दुल्टा, सेवानिवृत्त हिमाचल प्रदेश वन सेवा अधिकारी एलआर चौहान, प्रोग्राम मैनेजर विनोद शर्मा, एफटीयू को-ऑर्डिनेटर कांडा रेंज नरेंद्र कुमार समेत वन विभाग एवं जायका वानिकी परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बन चुकी है फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी : विनोद
प्रोग्राम मैनेजर विनोद शर्मा ने कहा कि जायका वानिकी परियोजना ने हाल ही में फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी एचसीएलपीसीएल बना दी है। स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों को अच्छी कीमत मिल सके, इसी उद्देश्य से यह कंपनी बनाई गई है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों की आजीविका में सुधार के साथ उनकी आर्थिकी मजबूत करने के लिए यह परियोजना वर्ष 2018 से कार्य कर रही है।