फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: यौन उत्पीड़न के दोषी युवक को चार साल का कारावास

विज्ञापन
विज्ञापन
. नाबालिग लड़की के कमरे में घुस कर की थी गलत हरकतें
विज्ञापन


. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला


संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पोक्सो) किन्नौर ने यौन उत्पीड़न के दोषी युवक को चार साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। दोषी ने नाबालिग लड़की के कमरे में घुसकर छेड़छाड़ की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित लड़की किराये के मकान में रहती थी। 10 अप्रैल 2025 की रात लगभग 8.30 बजे लड़की कमरे में अकेली थी। वह रसोई में खाना बना रही थी, तभी आरोपी कुमारसैन निवासी अक्षय राणा ने दरवाजा खटखटाया। जब लड़की ने दरवाजा खोला, तो आरोपी ने उससे पूछा कि क्या इस इलाके में कोई किराये का मकान उपलब्ध है। लड़की बताया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसे दूसरे पड़ोसियों से पूछना चाहिए। उसके बाद लड़की जल्दी से रसोई में चली गई, क्योंकि उसने गैस पर खाना पकने के लिए रखा हुआ था। रसोई में जाने से पहले वह दरवाजे पर कुंडी लगाना भूल गई थी। इसी बीच आरोपी रसोई के अंदर घुस आया और गलत हरकतें करने लगा। लड़की ने आरोपी को डराने के लिए रसोई में पड़ा एक चाकू इस्तेमाल किया। मौके से भागने से पहले आरोपी लड़की का मोबाइल भी साथ ले गया। लड़की पड़ोसी के क्वार्टर में गई। उन्हें घटना के बारे में बताया। पड़ोसी के मोबाइल से अपने पिता को भी फोन किया। पिता गांव से वहां आए। लड़की के साथ मिलकर इलाके में आरोपी की तलाश शुरू कर दी। साथ ही पुलिस को सूचना दी। इतने में आरोपी भी लड़की के पिता और अन्य लोगों के हत्थे चढ़ चुका था। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में लड़की का मोबाइल भी ढूंढ लिया गया। जांच पूरी होने के बाद ब्रौ थाना के प्रभारी ने न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें अभियुक्त के विरुद्ध बीएनसी की विभिन्न धाराओं और पोक्सो अधिनियम की धारा-8 के तहत दंडनीय अपराधों का आरोप लगाया गया। अदालत ने निर्णय दिया है कि अभियुक्त को बीएनएस की धारा 332 (सी), 304, 115 (2) और पोक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दोषी ठहराया जाता है। दोषी को पोक्सो एक्ट की धारा-8 के तहत चार साल की साधारण कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा दी जाती है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त एक महीने की साधारण कैद काटनी होगी। दोषी को बीएनएस की धाराओं के तहत भी अलग-अलग कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई हैं। कारावास की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें