टिक्करी, धनत और किरण पंचायतों के चार हजार से अधिक लोगों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
वर्ष 2012 में शुरू हुई योजना, अब अधोसंरचना का काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत वर्ष 2012 में शुरू की गई एलडब्ल्यूएसएस टिक्करी-धनत पेयजल योजना 14 साल बाद पूरी होने की उम्मीद जगी है। योजना के संचालन के लिए विद्युत अधोसंरचना का काम विद्युत बोर्ड ने शुरू कर दिया है। इससे टिक्करी, धनत और किरण पंचायतों के चार हजार से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है।
योजना शुरू होने के बाद इसके संचालन के लिए विद्युत अधोसंरचना तैयार करने को विद्युत विभाग ने करीब 1.50 करोड़ रुपये की मांग की थी। जल शक्ति विभाग ने वर्ष 2012 में ही 46 लाख रुपये विद्युत विभाग के पास जमा करवा दिए थे। हालांकि, विद्युत विभाग ने कार्य शुरू करने से पहले पूरी राशि जमा करवाने की शर्त रखी। इसके चलते काम आगे नहीं बढ़ सका। योजना का कार्यस्थल दुर्गम और खड़ी चढ़ाई वाले क्षेत्र में होने के कारण भी निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।
वर्ष 2020 में योजना को जल जीवन मिशन में शामिल किया गया, लेकिन आवश्यक विद्युत अधोसंरचना उपलब्ध नहीं होने के कारण योजना पूरी नहीं हो सकी। अब जल शक्ति मंडल नेरवा के अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा के प्रयासों से विद्युत कार्य शुरू हुआ है। उन्होंने विद्युत मंडल चौपाल के अधिशासी अभियंता गोवर्धन डिलटा से मुलाकात कर योजना के लिए आवश्यक कार्य शुरू करने का आग्रह किया था।
रजनीश वर्मा ने उम्मीद जताई कि विद्युत अधोसंरचना का काम आगामी एक से दो माह में पूरा हो जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बाद योजना का शेष कार्य पूरा किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत पानी को लिफ्ट कर क्षेत्र के सर्वोच्च बिंदु तक पहुंचाया जाएगा। इसके पूरा होने से टिक्करी, धनत और किरण पंचायतों के लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।