रामपुर बुशहर। अदालत ने एक महिला को चेक बाउंस मामले में एक साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आनी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। महिला को शिकायतकर्ता को 3.70 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। शिकायतकर्ता के अनुसार महिला ने सितंबर 2022 में उससे 3.50 लाख रुपये उधार लिए थे। यह राशि उन्होंने बैंक ऋण और घरेलू समस्याओं के लिए मांगी थी। शिकायतकर्ता ने नकद में यह राशि दी थी। महिला ने तीन महीने में पैसे लौटाने का वादा किया था। कई बार अनुरोध करने के बाद भी महिला ने 30 जून, 2023 तक भुगतान नहीं किया। 10 जुलाई, 2023 को महिला ने शिकायतकर्ता को एक चेक दिया। वह चेक बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा लेकिन महिला ने कोई भुगतान नहीं किया। अदालत ने 13 सितंबर 2023 को मामले का संज्ञान लिया। महिला पर आरोप तय किए गए। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमे का दावा किया। हालांकि, वह अपना बचाव साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर पाईं। अदालत ने सभी सबूतों पर विचार किया। अदालत ने पाया कि महिला ने कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण के खिलाफ चेक जारी किया था। अंततः, अदालत ने महिला को दोषी पाया।