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Rampur Bushahar News: एक साल से लटका था सड़क का काम हाईकोर्ट ने दी राहत, अब होगा कायाकल्प

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54 करोड़  रुपये से सुधरेगी टिक्कर खमाडी सडक़ की हालत। संवाद
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दो बार ईएनसी लोक निर्माण विभाग शिमला ने टेंडर किए रद्द, तीसरी बार ठेकेदार पहुंचा कोर्ट
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टिक्कर-खमाडी सड़क के सुधरने से ननखड़ी की 18 पंचायतों को मिलेगी सुविधा

54 करोड़ से सुधरेगी 52 किलोमीटर लंबी सड़क
ग्रामीणों ने सेब सीजन से पहले सड़क को दुरुस्त करने की उठाई मांग

राजेंद्र ठाकुर

ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी तहसील की लाइफलाइन कही जाने वाली टिक्कर-खमाडी सड़क का जल्द ही कायाकल्प होगा। करीब एक साल बाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद सड़क के सुधारीकरण के टेंडर लगे हैं। अब क्षेत्र की 18 पंचायतों को जल्द ही बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग 52 किलोमीटर सड़क को चकाचक करेगा। कई साल से ननखड़ी तहसील के ग्रामीण क्षेत्र की मुख्य टिक्कर-खमाडी सड़क की हालत सुधरने की आस लगाए हुए हैं।
सड़क के लिए केंद्र सरकार से अक्तूबर 2024 में 52 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इस राशि से सड़क की टारिंग, मेटलिंग, निकासी नालियों और डंगों का निर्माण किया जाना था। बजट के बावजूद लंबे अरसे तक लोक निर्माण सड़क का कार्य शुरू नहीं करवा पाया। इसके बाद 1 जनवरी 2025 और 25 मार्च 2025 को सड़क के टेंडर हुए और दोनों बार ईएनसी लोक निर्माण विभाग शिमला ने टेंडर को रद्द कर दिया। बीते वर्ष ठेकेदार ने टेंडर रद्द होने के बाद प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अब एक वर्ष बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। बीते वर्ष सड़क के सुधारीकरण के टेंडर हुए, लेकिन किसी कारणवश सड़क के निर्माण में लगे ठेकेदार को हाईकोर्ट जाना पड़ा। करीब एक साल की अवधि के बाद हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण के टेंडर लगाने के आदेश दिए हैं, जिससे तहसील के हजारों लोगों ने राहत पाई है।
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टिक्कर-खमाडी सड़क ननखड़ी तहसील की 18 पंचायतों को लाभान्वित करती है। क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है, लेकिन बीते कई सालों से सड़क की खस्ताहालत से हजारों बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी तक पहुंचाना परेशानी भरा बना हुआ है। हजारों ग्रामीण, स्कूली बच्चे और और कर्मचारी रोजाना इस सड़क से सफर करते हैं, लेकिन सड़क की खस्ताहालत के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। केंद्र सरकार से सड़क को सुधारने के लिए करोड़ों रुपयें का बजट स्वीकृत होने पर ग्रामीणों में बेहतर सड़क सुविधा मिलने की आस तो जगी, लेकिन सरकार और विभागीय अनदेखी के कारण आज दिन तक बेहतर सड़क सुविधा नहीं मिल पाई। लोक निर्माण विभाग ने करीब दो सप्ताह पूर्व टेंडर ठेकेदार को अवॉर्ड कर दिया है और अब जल्द ही सड़क के कायाकल्प का कार्य शुरू होगा।

सेब सीजन से पहले सड़क हो दुरुस्त
परिवर्तन शिक्षा एवं विकास संस्था के अध्यक्ष राजेश खुंद ने बताया कि विभाग और ठेकेदार के विवाद के कारण ग्रामीणों को एक साल तक परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने विभाग से सेब सीजन तक सड़क को दुरुस्त करने की मांग उठाई है, ताकि क्षेत्र के बागवानों को इस साल भी दिक्कतें पेश न आएं। उन्होंने कहा कि 16 किलोमीटर टिक्कर से शीला तक टारिंग हो चुकी है, जबकि निकासी नालियां और डंगे लगाने का कार्य शेष है। क्षेत्र के नारायण खुंद, डीडी शर्मा, हेमराज, पिंकू, पवन मेहता, देवराज, सुलाक्षर खुंद, मिंटू शर्मा, जेपी खुद, लव कुमार और अन्य ग्रामीणों ने सड़क के सुधारीकरण के कार्य में तेजी लाने की मांग उठाई है, ताकि जल्द इसका ग्रामीणों को लाभ मिल सके।


टिक्कर-खमाडी सड़क का टेंडर कर ठेकेदार को कार्य आवंटित कर दिया गया है। करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से 52 किलोमीटर सड़क का कायाकल्प किया जाएगा। - राजीव चौहान, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग ननखड़ी
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प्रमुख है यह सड़क
बताते चलें कि ननखड़ी के बागवानों को नारकंडा, पराला मंडी, शिमला, चंडीगढ़़ और दिल्ली मंडी की ओर जाने के लिए यह सड़क अहम भूमिका निभाती है। ननखड़ी से नारकंडा को जोड़ने वाली यह सड़क बागवानों की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। सड़क की हालत सुधरने से अब क्षेत्र के बागवानों को पूर्व की भांति समस्याएं नहीं झेलनी पड़ेंगी।

54 करोड़  रुपये से सुधरेगी टिक्कर खमाडी सडक़ की हालत। संवाद

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