अवैध शराब की तस्करी से परेशान ठेका संचालकों ने बंद किए ठेके
ठेकेदारों ने राजस्व देने में जताई असमर्थता, शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस
अवैध तस्करी से कमर टूटने के कारण सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग(रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग के कुफरी, फागू और चियोग में अवैध शराब की तस्करी से ठेका संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अवैध तस्करी पर कार्रवाई की आस में बैठे ठेका संचालकों ने अब थक हारकर ठेके बंद कर दिए हैं। चार दिन से शराब ठेकों पर ताले लटके हुए हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और पुलिस में शिकायत के बाद भी समस्या बनी हुई है। अवैध बिक्री के कारण ठेका संचालकों को राजस्व नुकसान झेलना पड़ रहा है।
कुफरी, फागू और चियोग क्षेत्र में चार दिन से शराब के सभी ठेकों पर ताला लटका हुआ है। ठेका संचालकों रोहित शर्मा और सुरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से शराब की तस्करी हो रही है, जिसके चलते वैध ठेकों की आय बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अवैध शराब बिकने से उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि वे राजस्व जमा कराने में भी असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि वे प्रति माह 50 से 65 लाख रुपये तक राज्य सरकार को राजस्व देते हैं, लेकिन अवैध शराब नेटवर्क के कारण बिक्री ठप हो गई है। हालत यह है कि उनके पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे। ठेकेदारों ने बताया कि अवैध तस्करी की शिकायतें वे कई बार पुलिस को दे चुके हैं, यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समस्या का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने क्षेत्र में पहले भी कुछ कार्रवाई की है, लेकिन तस्करी का नेटवर्क इतना मजबूत है कि इसका सीधा असर ठेकों की बिक्री पर पड़ रहा है। ठेकेदारों ने कहा कि उन्होंने करीब छह करोड़ रुपये की लागत से ये ठेके लिए हैं, लेकिन लगातार हो रहे नुकसान के कारण अब चलाना मुश्किल हो गया है और ठेके छोड़ने की नौबत आ गई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अवैध तस्करों पर कड़ी लगाम लगाने की गुहार लगाई है, ताकि वैध व्यापार बचाया जा सके और क्षेत्र में शराब तस्करी पर रोक लग सके।
आबकारी एवं कराधान उपायुक्त गगनेश गुप्ता ने बताया कि कुफरी, फागू और चियोग क्षेत्र के शराब ठेकों की सितंबर और अक्तूबर की लाइसेंस फीस ठेकेदारों ने जमा नहीं की गई है, जिस कारण इन ठेकों पर ताला लगाया गया है। विभाग क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए मुस्तैदी से काम कर रहा है। रात के समय पर पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है। ठेकों में दाम से अधिक वसूलने पर भी कार्रवाई की गई है और ठेकों को सील भी किया गया है।
वहीं ठेका संचालकों का कहना है कि अवैध शराब बिकने से ठेकों की कमाई काफी घट गई है। शराब बिक्री घटने के चलते उन्हें लाइसेंस फीस तक जमा करवाना मुश्किल हो गया है।