रोहड़ू। एचपीएमसी की ओर से बागवानों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध न करवाने का निर्णय चिंताजनक है। प्रदेश सरकार स्पष्ट करे कि बागवानाें को कब बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। इस बारे में सरकार को स्पष्ट समयसीमा घोषित करनी चाहिए। यह बात भाजपा आईटी एवं सोशल मीडिया प्रदेश प्रभारी चेतन बरागटा ने कही। बरागटा ने कहा कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब बागवानों को खाद, टीएसओ और कीटनाशक दवाइयों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इस निर्णय से बागवानों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बरागटा ने कहा कि कुछ दिन पूर्व सरकार के एक मंत्री की ओर से 15 करोड़ रुपये एचपीएमसी को जारी किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका कोई ठोस प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने सरकार से इस विषय में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि बागवानों के लगभग 130 करोड़ रुपये, जो एचपीएमसी के पास लंबित हैं, उन्हें कब और कितने समय में उनके खातों में स्थानांतरित किया जाएगा। चेतन बरागटा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे गए सेब का बकाया भुगतान शीघ्र बागवानों के खातों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी आर्थिक परेशानियां कम हो सकें और वे अपने बागानों का प्रबंधन सुचारु रूप से कर सकें।