रामपुर, आनी और निरमंड में भी बारिश का दौर जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/सांगला। किन्नौर, शिमला और कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में दूसरे दिन भी झमाझम बारिश जारी रही। मार्च में बदले मौसम के मिजाज से किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है, वहीं किन्नौर जिले के लोगों की दुश्वारियां बढ़ रही हैं। बर्फबारी और बारिश से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को किन्नौर जिले के छितकुल, रकछम, हांगो, चुलिंग, नेसंग, लिप्पा, आसरंग, कुनोचारंग, सुमरा और शलखर सहित जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिनभर हिमपात होता रहा। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित पूह, निचार और कल्पा खंड के अधिकांश निचले क्षेत्रों में बारिश होती रही। बर्फबारी के कारण छितकुल, आसरंग और काजा का संपर्क कट गया है, जिससे ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। यातायात व्यवस्था ठप होने के कारण हजारों ग्रामीण आवाजाही में परेशानी झेल रहे हैं। वहीं रामपुर, आनी और निरमंड उपमंडल में 15/20, 12/20, श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों सहित जलोड़ी जोत समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही, जबकि देर रात से क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहा। बर्फबारी-बारिश से किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है, वहीं तापमान में गिरावट होने से स्टोन फ्रूट के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक पियुष शर्मा ने बताया कि बर्फबारी के कारण जिले के तीन रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही ठप पड़ी है। सड़कें बहाल होते ही बस सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
पूर्वनी झूला के पास भूस्खलन होने से बंद सड़क को बहाल करने में जुटे लोग। स्त्रोत जागरूक पाठक
पूर्वनी झूला के पास भूस्खलन होने से बंद सड़क को बहाल करने में जुटे लोग। स्त्रोत जागरूक पाठक
पूर्वनी झूला के पास भूस्खलन होने से बंद सड़क को बहाल करने में जुटे लोग। स्त्रोत जागरूक पाठक