फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मटर की हजारों क्वींटल फसल कैसे पहुंचेगी मंडी

विज्ञापन
विज्ञापन
सांगला (किन्नौर)। रिस्पा की चेरंग खड्ड में आई भयंकर बाढ़ पूह खंड की 24 पंचायतों की हजारों की आबादी के लिए आफत बन गई है। हालात ऐसे हैं कि जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित भावानगर, शिमला, रामपुर और ज्यूरी से पूह काजा और स्पीति की ओर निगम की बसों समेत बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी उपमंडल के किसानों और बागवानों को पेश आ रही है।
विज्ञापन

चेरंग खड्ड में आई बाढ़ से क्षेत्र के किसानों को अपनी नकदी फसल मटर को मंडी तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। इन दिनों क्षेत्र में मटर का सीजन चरम पर है। कोरोना महामारी के चलते जहां किसानों को इस संकट काल में अपनी फसल मंडी पहुंचाना चुनौती बना हुआ है वहीं, अब सड़क कटने से बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। बागवानों को इस बात की चिंता सता रही है कि ऐसे में अब फसल मंडी कैसे पहुंचेगी? नेशनल हाईवे पांच पर स्कीबा-आकपा सतलुज नदी पर निजी कंपनी की ओर से बनाया गया करीब 30 मीटर लंबा पुल भी बाढ़ में बह गया है, जिस कारण पूह खंड की ठंगी लंबर, कुन्नोचारंग, नेसंग, पूह के रिशी डोगरी, नमज्ञा, शलखर आदि सीमावर्ती इलाकों में बड़े वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। देश सीमा पर तैनात सेना के जवानों के लिए भी राशन और अन्य सामग्री इसी मार्ग से पहुंचाई जाती है। ऐसे में उन्हें भी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हजारों क्विंटल मटर के साथ आगामी सीजन के दौरान बागवानों को भी अपनी सेब की फसल मंडी तक पहुंचाने में दिक्कत होगी। हालांकि, परिवहन निगम की ओर से ग्रामीणों को ट्रांसमिट कर बस सेवा देने का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।
एडीएम पूह अश्वनी कुमार ने कहा कि स्थानीय लोगों की नकदी फसल को बाहर की मंडियों में भेजने के लिए और सेना के वाहनों की आवाजाही करवाने के लिए जिला प्रशासन गंभीर है। सीमा सड़क संगठन के साथ बातचीत चल रही है कि जल्द पुल निर्माण किया जाए। आकपा पुल पर भी आपातकालीन समय में लोगों की उनकी फसलें मंडियों तक पहुंचाने के लिए पिकअप वाहनों की पुख्ता व्यवस्था की जा सकती है। सामरिक दृष्टि के तहत भी यहां हर संभव कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है। परिवहन निगम रिकांगपिओ के आरएम प्रेम कश्यप ने कहा कि पुल बहने से पूह काजा की तरफ निगम की बसों की सीधी आवाजाही नहीं हो पा रही है। सवारियों को निगम की बसों में ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है। सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी डीके राघव ने कहा कि आकपा वैली ब्रिज शए वाहनों की आवाजाही करवाने के लिए उच्चाधिकारी से अनुमति लेने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। सतलुज नदी पर पुल निर्माण करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें