फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: सीमावर्ती पंचायत पूह में सूखे स्रोत, गहराया पेयजल संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
. सेब की फसल और आजीविका पर मंडराया खतरा
विज्ञापन


. ग्रामीणों ने क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी

रिकांगपिओ (किन्नौर)। भारत-तिब्बत सीमा से सटी पूह पंचायत इन दिनों पेयजल संकट का सामना कर रही है। सर्दियों में सामान्य से बेहद कम हिमपात होने के कारण क्षेत्र के प्रमुख प्राकृतिक जल स्रोत सूख गए हैं। इससे ग्रामीणों के सामने पीने के पानी के साथ-साथ कृषि और बागवानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत प्रधान तंजीन दौरजे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एडीएम पूह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल संकट के कारण वाइब्रेंट विलेज के रूप में चयनित पूह गांव में इस समय फल धारण अवस्था में पहुंच चुके सेब के बगीचे और अन्य फसलें पानी के अभाव में सूखने के कगार पर हैं। इससे किसानों की आय और आजीविका पर सीधा संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत निर्मित होजो नाला उठाऊ सिंचाई योजना सड़क निर्माण के दौरान डाले गए मलबे और प्रशासनिक लापरवाही के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते सिंचाई व्यवस्था ठप पड़ गई है और खेती-बागवानी पर विपरीत असर पड़ा है। उन्होंने पूह क्षेत्र को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने, राजस्व, उद्यान एवं जल शक्ति विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वेक्षण करने और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य सूखा राहत तंत्र के माध्यम से प्रभावित किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो किसानों के सामने पलायन की नौबत आ सकती है। उन्होंने कहा कि यह केवल जल संकट का मामला नहीं, बल्कि सीमावर्ती गांव पूह के अस्तित्व और वहां के लोगों की आजीविका बचाने का प्रश्न है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें