जल रक्षकों ने सरकार से नीति बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। आनी, निरमंड और नित्थर क्षेत्र के हजारों लोगों की प्यास बुझाने वाले जल रक्षक वेतन को तरस गए हैं। आलम यह है कि चार माह से दर्जनों जल रक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है। इस कारण उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इन जल रक्षकों को बिना वेतन अपने परिवार को भरण पोषण करना एक चुनौती बन गया है। रोषजदा जल रक्षकों ने सरकार और विभाग से जल्द वेतन की अदायगी करने और उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई है। गौर हो कि आनी और निरमंड उपमंडल में जल शक्ति विभाग के तहत सेवाएं दे रहे जल रक्षकों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इन दिनों स्कूलों में दाखिलों का दौर चल रहा है, लेकिन वेतन न मिलने से इन जल रक्षकों को अपने बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाना मुश्किल हो गया है। जल रक्षक नवीन, भूपिंदर, आलोक, राम सिंह, नील चंद, अमर सिंह, राकेश, कश्मीर सहित अन्य ने कहा कि आनी और निरमंड उपमंडल के हर गांव में जल रक्षक पीने का पानी उपलब्ध करवा रहे हैं। न सिर्फ पानी मुहैया करवा रहे हैं, बल्कि पेयजल लाइनों की मरम्मत का कार्य भी ये कर्मचारी देख रहे हैं। इनको वेतन के लिए पांच पांच माह से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। जल रक्षक जी जान से अपना काम कर रहे हैं और छुट्टियों के दिनों में भी काम कर रहे हैं, जबकि उसका कोई ओवर टाइम नहीं दिया जाता। पेयजल आपूर्ति का सारा दारोमदार इन्हीं जल रक्षकों के सहारे है। उन्होंने सवाल उठाया कि विभाग के नियमित कर्मचारियों को जब वेतन दिया जा रहा है, तो जल रक्षकों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से सभी जल रक्षकों के लिए नीति बनाकर उन्हें राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल रक्षकों को 5300 रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे आज के महंगाई के दौर में उन्हें परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल है। इन दिनों बच्चों की एडमिशन, वर्दी लेने का समय है और बच्चों की फीस भी जमा करनी है, ऐसे में बिना वेतन जल रक्षक आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने जल्द जल रक्षकों को वेतन की अदायगी करने की मांग की है।
जल रक्षकों की एक महीने के वेतन की अधिसूचना जारी हुई है। जल्द ही जल रक्षकों को वेतन दिया जाएगा।
-किशोर शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग आनी