परियोजना निर्माण के खिलाफ किसी भी हद तक जाएंगे ग्रामीण : राजेंद्र नेगी
वर्ष 2004 से चल रहा परियोजना निर्माण का विरोध
निर्माण के खिलाफ वर्ष 2021 में तीन पंचायतों ने किया था चुनाव का बहिष्कार
बीरबल नेगी
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले में प्रस्तावित जंगी-थोपन-पोवारी जल विद्युत परियोजना निर्माण को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद रारंग पंचायत के ग्रामीणों में भारी रोष है। जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चेताया है कि इस परियोजना निर्माण के खिलाफ वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस परियोजना निर्माण के खिलाफ जिलेभर के लोगों ने नो मीन्स नो अभियान भी चलाया था, जिससे हजारों की संख्या में लोग जुड़े थे। ग्रामीण वर्ष 2004 से परियोजना के निर्माण का विरोध जता रहे हैं और वर्ष 2021 में लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार कर चुके हैं। गौर हो कि जनजातीय जिले के पूह खंड में साल 2000 से करीब 780 मेगावाट जंगी-थोपन-पोवारी जल विद्युत परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के निर्माण के लिए किरन खड्ड से जंगी, आकपा, खादरा और रारंग पंचायत के नीचे से सुरंग का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। किन्नौर जिला प्राकृतिक आपदाओं और भूस्खलन की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। जिले के कई स्थानों में भूस्खलन की घटनाएं वर्षों से चल रही हैं। ऐसे में इन पंचायतों के ग्रामीणों में भी परियोजना निर्माण से खतरे का डर बना हुआ है। ग्रामीण वर्षों से इस परियोजना के निर्माण का विरोध जता रहे हैं। बीते वर्ष 2024 को प्रदेश सरकार से इस परियोजना के निर्माण को हरी झंडी मिली है। उसके बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इस परियोजना के निर्माण के खिलाफ क्षेत्र की रारंग, आकपा, जंगी, कानम, मूरंग, स्पीलो, पूर्वनी, रिब्बा और रिस्पा के ग्रामीणों ने पूर्व में भी विरोध-प्रदर्शन के लिए आवाज बुलंद की थी। अब परियोजना निर्माण को मंजूरी मिलने से ग्रामीण खासे खफा हैं। पंचायत में शनिवार को वर्ष की पहली ग्राम सभा आयोजित हुई। इसमें ग्रामीणों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि परियोजना निर्माण नहीं रुका, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जल्द राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे ग्रामीण
रारंग पंचायत प्रधान राजेंद्र नेगी और भगत सिंह किन्नर ने कहा कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इस विद्युत परियोजना निर्माण को मंजूरी दी है, जो बेहद ही चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों हितों को दरकिनार कर सरकार ने परियोजना को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने चेताया है कि यदि परियोजना निर्माण शुरू हुआ तो ग्रामीण लामबंद होकर प्रदर्शन करेंगे। परियोजना निर्माण के विरोध में ग्रामीण किसी भी हद तक जाने को मजबूर हैं। इस मामले को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री और केबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को भी ज्ञापन भेजा जाएगा।