एचआरटीसी ने बसें ट्रांसमिट कर गंतव्य तक पहुंचाएं यात्री
ग्रामीणों ने चाय-पानी उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिला किन्नौर के चोलिंग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच पर शुक्रवार को भारी मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्री घंटों तक फंसे रहे। इस कठिन परिस्थिति में मीरु गांव के लोगों ने फंसे यात्रियों को निकाला। साथ ही सड़क बहाली कार्य में जुटे कर्मचारियों को चाय-पानी उपलब्ध करवाकर मानवता की मिसाल पेश की। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों के ऑपरेटरों और अन्य कर्मचारियों को भी चाय-पानी दिया। सभी ने उनके इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की। सेवा कार्य में पंचायत मीरु के उप प्रधान विनोद नेगी, वार्ड सदस्य रामकुमार, मैधुराम नेगी, मंगल चंद, लविश कुमार और राज किशोर समेत अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने भी फंसे हुए यात्रियों के लिए बसें ट्रांसमिट कर वैकल्पिक सेवाएं उपलब्ध करवाईं। शिमला जा रही निगम की बसों को चोलिंग से ही पीछे वापस किन्नौर की ओर भेजा गया। इस बसों में शिमला से किन्नौर की ओर जा रहे यात्रियों को भेजा गया, जबकि किन्नौर जा रही बसों को भी शिमला की ओर वापस भेजा गया। इस तरह एचआरटीसी ने भी अपने यात्रियों को जाम में फंसने से बचा लिया। मीरु गांव के लोगों ने संकट की इस घड़ी में एकजुटता का परिचय दिया। यह प्रयास स्थानीय समुदाय की सेवा भावना को दर्शाता है। ग्रामीण मैधुराम नेगी ने कहा कि मीरु गांव के लोग भविष्य में भी किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति के दौरान जनसेवा के लिए सदैव तैयार रहेंगे। उधर, नायब तहसीलदार इंद्र सिंह, पटवारी नवीन कुमार और थाना टापरी की पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। उन्होंने स्थिति पर लगातार नजर रखी और यातायात प्रबंधन में सहयोग किया।