अदालत ने 30 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
विशेष न्यायाधीश (सीबीआई), शिमला ने चरस बरामदगी के एक मामले में अभियुक्त लक्की भंडारी को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2020 में थाना ठियोग में दर्ज किया गया था। पुलिस ने लक्की भंडारी को चरस की बरामदगी के आरोप में पकड़ा था। उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) शिमला की अदालत में इस मामले की लंबी सुनवाई चली। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी सबूतों और गवाहों पर विचार किया। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी करार दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि जिला की पुलिस गंभीर अपराधों एवं नशा तस्करी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।