रामपुर बुशहर। उपतहसील तकलेच कार्यालय में स्टाफ की कमी से आठ पंचायतों की हजारों की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायतों के हजारों ग्रामीण वर्षों से सरकार की उदासीनता का दंश झेलने को मजबूर हैं। वहीं, स्टाफ की तैनाती के बजाय सरकार यहां से कर्मचारियों के तबादले करवा रही है। इसके चलते ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द उपतहसील कार्यालय में रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
तकलेच पंचायत के उपप्रधान कृष्ण मजटू ने बताया कि बीते लंबे समय से उपतहसील तकलेच कार्यालय में स्टाफ की कमी चल रही है। भाजपा सरकार इन पदों को भरने के बजाय यहां तैनात स्टाफ का भी तबादला करवा रही है। हाल ही में यहां से फील्ड कानूनगो और पटवारी का भी तबादला किया गया है। अब यहां करीब आठ पद खाली चल रहे हैं। इसके चलते हजारों ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। गौरतलब है कि दुर्गम पंचायत काशापाट, देवठी, मुनिश, कूहल, दरकाली, तकलेच, बाहली और नरैण पंचायत के हजारों लोग उपतहसील से लाभान्वित होते हैं, लेकिन स्टाफ के रिक्त पदों के चलते हजारों ग्रामीणों को छोटे कार्यों के लिए भी कई किलोमीटर दूर रामपुर तहसील कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब तबके के लोगों को हो रही है। मजटू ने कहा कि भाजपा राज में तकलेच उपतहसील कार्यालय शोपीस बनकर रह गया है।
क्षेत्र के पीडी नेगी, ब्रह्मानंद, कुलदीप, धर्म सिंह, बलबीर सिंह, राजेंद्र ठाकुर, सुनील कायथ, विक्रांत, सुनील, राजेंद्र जिहान, महेंद्र ठाकुर, बनारसी दास और सराजेनी ठाकुर सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से जल्द खाली पदों को भरने की गुहार लगाई है।