फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: ढाई महीने की बरसात ने निरमंड में मचाई तबाही

विज्ञापन
विज्ञापन
20 मकान हुए जमींदोज, 260 को आंशिक नुकसान, 12 दुकानों और 56 गोशालाओं को क्षति, 15 मवेशियों की गई जान
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल निरमंड में इस साल करीब ढाई माह की बरसात ने भारी तबाही मचाई है। हालांकि, जून से शुरू हुआ मानसून अब धीरे-धीरे थम रहा है। बरसात से आई आपदा से उपमंडल में 20 मकान जमींदोज हो गए और कई मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। यातायात व्यवस्था भले ही धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है, लेकिन हजारों ग्रामीणों की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं। 20 जून से सात सितंबर तक हुई प्राकृतिक आपदा ने समूचे ग्रामीण क्षेत्रों में भारी क्षति पहुंचाई है। गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, उपमंडल में भूस्खलन और बाढ़ से 20 मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए, जबकि 260 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 56 गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 19 पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं और 37 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुईं। 15 मवेशियों की जानें गई हैं, जिनमें 4 गायें और 11 भेड़-बकरियां शामिल हैं। करीब 12 दुकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि चार दोघरियां और पांच घराट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। आपदा से त्रस्त ग्रामीण अब सरकार और जिला प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। हालांकि, प्रशासन ने प्रभावितों और पीड़ितों को राहत तो दी है, लेकिन आपदा में हुए नुकसान की भरपाई करना मुश्किल है। एसडीएम मनमोहन सिंह ने बताया कि आपदा राहत वितरण के तहत अब तक प्रभावित परिवारों को 195 तिरपाल, 37 राशन किटें, 14 बर्तन और 16 कंबल सहित अन्य राहत सामग्री दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिना आवश्यक कार्य के घर से बाहर न निकलें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें