रामपुर बुशहर। शहर के साथ लगते जगातखाना क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल द्वारा छात्रों से बिना एनरोलमेंट वसूली जा रही ट्यूशन फीस का मामला गरमा गया है। रोषजदा अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के सचिव, शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू और उपायुक्त को शिकायत पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की है। समस्या को लेकर अभिभावक एसडीएम आनी से भी मिले हैं। एसडीएम ने इस मामले की जांच करने का अभिभावकों को आश्वासन दिया है।
अभिभावकों का आरोप है कि जगातखाना के एक निजी स्कूल द्वारा लॉकडाउन के दौरान छात्रों को पढ़ाने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। अभिभावकों को यू-ट्यूब का लिंक भेजकर पढ़ाने की सलाह दी गई, जबकि मई माह में स्कूल प्रशासन ने व्हाट्सएप के जरिए पढ़ाई कराने का कार्य शुरू किया। उक्त स्कूल में व्यवस्था न बनने के कारण करीब दो दर्जन छात्रों ने दूसरे स्कूलों का रुख कर लिया, लेकिन जब इन छात्रों के अभिभावक स्कूल त्याग प्रमाणपत्र लेने स्कूल पहुंचे तो उन्हें स्कूल प्रशासन द्वारा 6-6 हजार रुपये की ट्यूशन फीस चुकाने के बाद ही प्रमाणपत्र देने पर बाधित किया गया। कुछ अभिभावकों ने तो मजबूरन यह राशि चुका दी, लेकिन कई अभिभावकों ने इसका खुलकर विरोध जताया है। अभिभावकों ने अप्रैल से जून की ट्यूशन फीस वसूलने पर कड़ा एतराज जताया है।
अभिभावक नेसू राम विमल, रंजिता, वीना मेहता, अनिता ठाकुर, धुरवा सिंह और निरता देवी सहित अन्य ने बताया कि शिक्षा मंत्री सहित शिक्षा विभाग और उपायुक्त कुल्लू को इस संबंध में शिकायत भेजी गई है। बीते शुक्रवार को उन्होंने एसडीएम आनी चेत सिंह को भी अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि जब उनके बच्चों ने पढ़ाई ही नहीं की तो फिर किस बात की ट्यूशन फीस। एसडीएम आनी ने उन्हें इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से इस मामले जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।