आनी (कुल्लू)। जैव विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जंगल को बचाने के लिए वन विभाग कवायद शुरू कर दी है। बीते दिनों आउटर सिराज के ऊंचाई वाले इलाके में पाए जाने वाले दुर्लभ प्रजाति रखाल के पेड़ों से छाल निकालने का मामला सामने आया था। ग्रामीणों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। अब विभाग ने पेड़ों का उपचार कर इन पर पर्यावरण संरक्षण के संदेश लिखकर टांग दिए हैं।
आनी के जलोड़ीजोत-सरयोलसर रास्ते पर पाए जाने वाले औषधीय युक्त दुर्लभ प्रजाति रखाल के वृक्षों की किसी ने छाल निकालकर पेड़ों को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर वन विभाग की टीम ने वन क्षेत्र का दौरा किया। रखाल के जख्मी पेड़ों को उपचार कर उन्हें बोरे से लपेटा गया, जिसमें वन विभाग ने लोगों से प्रकृति को बचाने का आह्वान किया है। वन विभाग ने पेड़ों पर लिखा है, मुझे मत मारो। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से न केवल वन संपदा को बचाने की अपील की है बल्कि इस तरह के लोगों पर नजर रखने को भी कहा है जो प्रकृति का गलत तरीके से दोहन करते हैं।
खनाग पंचायत के उपप्रधान बुद्धि सिंह राणा ने बताया कि शिकायत करने और खबर छपने के तुरंत बाद विभाग की टीम ने पूरे वन क्षेत्र का दौरा किया है और जख्मी पेड़ों को उपचार के बाद बोरों से लपेट दिया है। उन्होंने कहा कि जलोड़ी क्षेत्र बहुत बड़ा वन क्षेत्र है, जिसमें वन विभाग को भी गश्त लगाना बहुत कठिन होता है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी आह्वान किया है कि वन संपदा को बचाए रखने के लिए जनता अपने स्तर पर भी नजर रखें और ऐसा नुकसान करने वालों के खिलाफ तुरंत वन विभाग या स्थानीय पंचायत को सूचित करें।