संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ( किन्नौर)। स्वच्छता भारत अभियान के अंतर्गत ठोस कचरा प्रबंधन पर मंगलवार को जिला विकास अधिकारी कार्यालय ने कल्पा, निचार और पूह विकास खंड के प्रतिनिधि और समाजसेवियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू किया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य किन्नौर जिला को पर्यावरण की दृष्टि से स्वच्छ और सुंदर बनाना है। साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन का सुगम निपटान सुनिश्चित करना है। इसी के दृष्टिगत जिला के तीनों विकास खंडों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू किया है। इसमें ठोस कचरे के सही निपटान के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन पूरे विश्व सहित भारत में बहुत बड़ी समस्या का रूप ले चुका है। शहरीकरण, औद्योगीकरण और आर्थिक विकास के परिणामस्वरूप कूड़े-करकट की मात्रा अधिक बढ़ गई है। जनसंख्या वृद्धि और लोगों के जीवन स्तर में सुधार से यह समस्या और जटिल हुई है। ठोस कचरे के निपटान के लिए रिसाइकलिंग, सफाई के लिए गढ्ढों की भरपाई, खाद के रूप में कचरे का प्रयोग, कृमि संवर्द्धन एवं पायरोलिसिस जैसे उपायों के माध्यम से ठोस कचरा प्रबंधन सुनिश्चित हो सकता है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी दीपक सानन ने जिला प्रशासन किन्नौर का इस प्रशिक्षण शिविर को आरंभ करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित जनों को ठोस कचरा प्रबंधन के निपटान के बारे में जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण शिविर में कल्पा, निचार और पूह विकास खंड के 40 प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। इस दौरान भारत के प्रसिद्ध समाजसेवी सोमनाथ सेन और अजित कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।