काचे गांव में युवक हत्याकांड मामले को लेकर एनएच पांच पर चक्का जाम करते ग्रामीण।
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भावानगर (किन्नौर)। काचे गांव में युवक की हत्या मामले में ग्रामीणों ने सोमवार को कड़ा रोष जताते हुए नेशनल हाईवे-5 पर तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही रोक दी। गुस्साए ग्रामीणों ने चक्का जाम कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जांच को लेकर असंतुष्ट ग्रामीणों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
युवक की हत्या मामले में पुलिस जांच से असंतुष्ट ग्रामीणों ने सोमवार को एनएच-5 भावानगर में करीब 3 घंटे तक जाम लगा दिया। ग्रामीणों का पुलिस प्रशासन पर आरोप था कि मामले में केवल नेपाली को अभियुक्त बना कर दो अन्य स्थानीय लोगों को पुलिस बचा रही है। गौरतलब है कि निचार उपमंडल के काचे गांव में शुक्रवार देर रात को आपसी कहासुनी में स्थानीय युवक की मौत हो गई थी। हत्या के आरोप में काचे गांव में स्थानीय व्यक्ति के पास कार्य करने वाले 24 वर्षीय नेपाली मूल के युवक को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार रात को काचे गांव के तीन युवक नेपाली मूल के युवक राजू के साथ काचे गांव में गाड़ी में बैठ कर शराब पी रहे थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राजू को रात को ही पुलिस हिरासत में ले लिया था और मृतक सुनील के शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी भावानगर लाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने जांच में गंभीर लापरवाही की है। मृतक के साथ बैठ कर शराब पीने वालों को बचाया जा रहा है। स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी ने भी भावानगर पहुंचकर मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया और अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए
एसडीएम भावानगर मनमोहन सिंह, डीएसपी मुख्यालय, डीएसपी भावानगर राजू और स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी की मध्यस्थता के बाद ही जाम खुल पाया। स्थानीय प्रशासन के अन्य दोनों व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण एनएच पांच से हटे।