प्राथमिक उपचार के लिए 40 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों ने आयुष विभाग से रिक्त पदों को भरने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत सरपारा के हजारों ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को तरसे हुए हैं। आलम यह है कि प्राथमिक उपचार और छोटी-मोटी बीमारी पर भी ग्रामीणों को 40 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में कई वर्षों से स्टाफ की कमी चल रही है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की तैनाती की मांग उठाई है। सरपारा के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में दो साल से चिकित्सक, फार्मासिस्ट और एएनएम सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद रिक्त है। ऐसे में पंचायत के हजारों मरीजों को उपचार के लिए 40 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को घरद्वार पर मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं तो दूर प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य केंद्र से सरपारा, समेज, कांधार, शिलाभावी, सुघा और सिकासेरी गांव के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। स्टाफ न होने से मरीज खांसी जुकाम के लिए भी रामपुर जाकर उपचार करवाने को मजबूर हैं। सरपारा पंचायत प्रधान मोहन कपाटिया, उपप्रधान चुनी लाल नेगी, राजेंद्र, महेंद्र, कविता चौहान, शकुंतला, कांता देवी, जगत कपाटिया और राम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बीते दो वर्ष से स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी चल रही है। चिकित्सक और फार्मासिस्ट न होने से ग्रामीणों को उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और आयुर्वेदिक विभाग से रिक्त पदों को भरने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को घरद्वार पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
रिक्त पदों को लेकर सरकार से समय समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।
- डॉ. प्रदीप शर्मा, बीएमओ, आयुर्वेदिक विभाग रामपुर
- संवाद