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Rampur Bushahar News: ठियोग सिविल अस्पताल में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

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ठियोग सिविल अस्पताल
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तीन साल से नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड, कई चिकित्सकों के पद खाली, रोजाना हजारों की संख्या में होती है ओपीडी
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अजय ठाकुर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उपमंडल के सिविल अस्पताल में कम स्टाफ, डॉक्टरों के कई पद खाली और सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। 50 से अधिक पंचायतों को सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सों समेत कई कई पद खाली हैं। इस कारण यहां लोगों को पूरा उपचार नहीं मिल पाता है और इलाज के लिए निजी अस्पताल या राजधानी शिमला की ओर रुख करना पड़ता है। कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए तो आपातस्थिति में यहां से मरीज शिमला रेफर कर दिया जाता है। इस अस्पताल में कुल 15 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से सिर्फ 8 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। इनमें भी दो लंबी छुट्टी पर हैं और पांच के पद खाली चल रहे है, जबकि आठ स्टाफ नर्सें सेवाएं दे रही हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पिछले समय आपदा के दौरान ठियोग अस्पताल को जिला स्तर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल का दर्ज नहीं मिला है। अस्पताल में एक मात्र अल्ट्रासाउंड मशीन है, जो तीन साल से खराब पड़ी है। मरीजों को निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है।
जल्द भरे जाएं चिकित्सकों के रिक्त पद
क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं कामरेड नेता राकेश सिंघा ने बताया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से न लेने वाली सरकार के खिलाफ जल्द आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से अस्पताल में खाली पदों को भरा जाए। नगर परिषद ठियोग अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि ऊपरी शिमला में जब भी कोई हादसा होता है, तो ठियोग अस्पताल से मरीज को शिमला रेफर किया जाता है। सरकार को अस्पताल में सुविधाएं पूरी करनी चाहिए, ताकि हर इलाज यहां संभव हो सके।
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रिक्त पदों के लिए विभाग को किया सूचित
अस्पताल में रिक्त पदों की भर्ती को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया है। साथ ही स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल में सेवाएं देने वाले कर्मियों पर अधिक दबाव पड़ रहा है। अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट न होने अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। -डाॅ. पवन एसएमओ, ठियोग अस्पताल । संवाद
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