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Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में बढ़ रहा पाउडरी मिल्ड्यू रोग का खतरा

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संक्रमण से नई कौंपलें हो रहीं प्रभावित, बागवान रहें सतर्क
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ठंडे और शुष्क मौसम के बीच नमी में तेजी से फैलता रोग
पत्तियां सिकुड़ने लगती हैं, नई शाखाओं की रुक जाती है वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सेब के बगीचों में इन दिनों पाउडरी मिल्ड्यू रोग का प्रकोप बढ़ने लगा है। संक्रमण से सेब के पौधों की पत्तियों के ऊपरी हिस्से पर सफेद चूर्ण जैसा पदार्थ दिखाई दे रहा है, जिससे नई कौंपलें प्रभावित हो रही हैं। लगातार खराब मौसम के कारण समय पर नियंत्रण न होने से बागवान चिंतित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाउडरी मिल्ड्यू नामक फफूंद जनित रोग है, जो समय रहते नियंत्रण न होने पर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकता है। यह रोग ठंडे और शुष्क मौसम के बीच नमी की स्थिति में तेजी से फैलता है। रोग की शुरुआत नई पत्तियों, कोमल टहनियों और फूलों पर सफेद पाउडर जैसे धब्बों से होती है। धीरे-धीरे पत्तियां सिकुड़ने लगती हैं और नई शाखाओं की वृद्धि रुक जाती है। गंभीर स्थिति में फल और पौधे का विकास प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि बगीचों में अधिक घनत्व, हवा का कम आवागमन और संक्रमित टहनियों की समय पर कटाई न होने से यह रोग तेजी से फैलता है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि संक्रमित टहनियों और पत्तियों को तुरंत काटकर नष्ट करें ताकि संक्रमण आगे न फैले।
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फफूंदनाशक दवा का करें छिड़काव

बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि इसके लिए सल्फर आधारित फफूंदनाशकों अथवा अनुशंसित दवाइयों का छिड़काव मौसम साफ रहने पर करें। बगीचों में उचित दूरी बनाए रखें। इसके साथ समय-समय पर छंटाई और संतुलित पोषण देना जरूरी है। लगातार निगरानी और शुरुआती अवस्था में उपचार से इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। बागवानों से अपील है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी बागवानी अधिकारी से संपर्क करें और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही दवाइयों का उपयोग करें ताकि सेब की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
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