संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उपमंडल के मतियाना के रिहैब सेंटर में रहने वाले युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित युवक की पहचान रोहड़ू के लोअर कोटी गांव के सिकंदर, पुत्र प्रदीप ठाकुर के रूप में हुई है। युवक ने पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया है कि वह रोहड़ू क्षेत्र का रहने वाला है और उसके घरवालों ने एक मार्च को नशे की लत से छुड़वाने के लिए मतियाना के नजदीक नन्नी गांव के एक रिहैब सेंटर में भेजा था। तीन मार्च को केंद्र में रहने वाले 17 लड़के किसी तरह केंद्र के कर्मचारियों को चकमा देकर भागे और साथ लगते जंगलों में छुप गए। रिहैब सेंटर के कर्मचारियों ने भागे हुए पीड़ित युवक को मतियाना के कलजार गांव के जंगल में पकड़ लिया, जहां कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की। इस कारण उसके सिर, बाज़ू, पैर और मुंह में चोटें आई हैं। युवक ने बताया कि सेंटर के कर्मचारियों ने अगली बार इस तरह की हरकत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। युवक ने सेंटर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने मामले की पुष्टि की है।
पिछला दरवाजा का ताला तोड़कर भागे थे युवक
नशा मुक्ति केंद्र के संचालक रोहित ने कहा कि युवक शाम के समय केंद्र का पिछला दरवाजा का ताला तोड़कर भागे थे। इन्हें कड़ी मुश्किल से जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद पकड़ा गया है। भागे युवक खतरनाक रास्तों और जगहों से होकर जंगल में पहुंचे थे। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी। केंद्र के कर्मचारियों ने किसी तरह की मारपीट नहीं की है, जबकि युवकों ने केंद्र के एक कर्मचारी के साथ मारपीट की है। केंद्र में सभी कर्मचारी प्रशिक्षित और अनुभवी हैं। यह केंद्र पिछले साढ़े चार सालों से कई युवाओं को नशे से छुटकारा दिलाने का काम कर चुका है।