कराणा में जलयात्रा के साथ शुरू हुआ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण
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संवाद न्यूज एजेंसी आनी (कुल्लू)। कराणा में सोमवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा का जलयात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। जलयात्रा में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच जलयात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। पहले दिन मुक्तिनाथ वेद विद्या आश्रम संस्कृत गुरुकुल पंचकूला के संस्थापक एवं प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी निवासाचार्य ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में यदि ज्ञान और वैराग्य का समावेश हो जाए, तो भक्ति स्वयं प्रकट हो जाती है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के आपसी संबंधों को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने का कार्य करती है। सात दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन गुरुकुल के आचार्य जितेंद्र गौतम, आचार्य संजीव भारद्वाज और देवानुज मिश्र पाठ, हवन और अन्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। कथा श्रवण के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कराणा पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम आयोजक चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि आयोजन के दौरान प्रसाद के रूप में प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करें। इस अवसर पर कराणा पंचायत के पूर्व प्रधान ख्याले राम शर्मा, पूर्व शिक्षा उप निदेशक अमर चौहान, गोपाल देव शर्मा, मंदिर कमेटी अध्यक्ष तारा चंद शर्मा, गीता राम शर्मा, ज्ञान शर्मा, देवकी नंद और टेक चंद ठाकुर सहित अन्य उपस्थित रहे।
आनी के कराणा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा के शुभांरभ अवसर पर मौजूद महिलाएं। संवाद