. पशुओं के उपचार के लिए दर-दर भटक रहे पशुपालक
. ग्रामीणों ने सरकार से शीघ्र चिकित्सक की तैनाती की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। पशु चिकित्सालय दलाश में दो साल से चिकित्सक का पद खाली चल रहा है। इस कारण पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर पशुओं को उपचार नहीं मिल रहा है और पशुपालक दर-दर भटक रहे हैं। पशु चिकित्सालय दलाश में पांच पंचायतों दलाश, वयुंगल, डिंगीधार, जाबन और नमहोंग के ग्रामीण पशुओं का उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों की मुख्य आमदनी दूध है। दलाश और आसपास के क्षेत्रों में दूध काफी मात्रा में बेचा जाता है। कई ग्रामीणों ने दो-दो गायें पाल रखी हैं। पशु चिकित्सालय में डॉक्टर न होने के कारण समय पर गाय को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। वहीं, चिकित्सालय के विभागीय काम भी प्रभावित हो रहे हैं। दलाश पंचायत के प्रधान सत्येंद्र शर्मा, उप प्रधान सोहनी राम राठी, वयुंगल पंचायत के प्रधान जालप राम और उप प्रधान मनोज वर्मा सहित अन्य लोगों ने सरकार से मांग की है कि दलाश पशु चिकित्सालय में जल्द चिकित्सक का पद भरा जाए। इस बारे में एसवीओ आनी डॉ. अनुराधा का कहना है कि दलाश में वर्ष में 2023 से डॉक्टर का पद रिक्त चला है। यहां सराहर पशु चिकित्सालय से चिकित्सक का तीन दिन के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है। रिक्त पद के बारे में विभाग को समय-समय पर अवगत करवाया जा रहा है।