बच्चों को टैक्सी से स्कूल पहुंचाने पर मजबूर अभिभावक, बढ़ा आर्थिक बोझ
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जल्द नहीं हुआ बस सेवा में सुधार तो ग्रामीण करेंगे आंदोलन संवाद न्यूज एजेंसी कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। नागजुब्बल–शिमला बस सेवा के नियमित रूप से न चलने के कारण कुमारसैन तहसील की 20 पंचायतों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बस सेवा प्रभावित होने से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव में पढ़ने वाले करीब 70 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। बस के इंतजार में विद्यार्थियों को समय पर स्कूल पहुंचने में दिक्कत हो रही है, जबकि अभिभावकों को बच्चों को निजी टैक्सियों से स्कूल पहुंचाने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नागजुब्बल–शिमला बस सेवा क्षेत्र की कई पंचायतों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। जंजैली, बनाहर और शिवान सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी इसी बस से बड़ागांव स्कूल पहुंचते हैं। बस नियमित रूप से नहीं चलने के कारण बच्चों की स्कूल तक पहुंच प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द बस सेवा में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव की एसएमसी प्रधान पूनम और सदस्य सतीश कुमार ने बताया कि जंजैली, चमोलाखड्ड, कंडा, तीनीधार और शिवान खड्ड सहित विभिन्न क्षेत्रों से विद्यार्थी स्कूल आते हैं। बस सेवा बाधित होने से बच्चों को समय पर विद्यालय पहुंचाना चुनौती बन गया है। परिवहन सुविधा नहीं मिलने पर अभिभावकों को निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के विकल्प पहले ही सीमित हैं। ऐसे में बस सेवा का नियमित संचालन न होने से विद्यार्थियों के साथ आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों और एसएमसी प्रतिनिधियों ने प्रशासन, हिमाचल पथ परिवहन निगम और प्रदेश सरकार से नागजुब्बल–शिमला बस सेवा को नियमित रूप से चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि बस सेवा क्षेत्र की कई पंचायतों के लोगों के लिए बेहद जरूरी है और इसके प्रभावित होने से दैनिक आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण और अभिभावक बच्चों की पढ़ाई और जनसुविधा के हित में आंदोलन करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।