हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। यहां 10 स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की भारी कमी है। इस कारण स्थानीय लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। आनी के सिविल अस्पताल समेत एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 22 उप केंद्रों में 92 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। आनी के सिविल अस्पताल में चार डॉक्टरों के पद सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में सात डॉक्टरों के पद खाली हैं। सिविल अस्पताल समेत ब्लॉक के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट के पद भी खाली हैं। चीफ फार्मासिस्ट के दो स्वीकृत पद रिक्त हैं, जबकि ब्लॉक के अन्य संस्थानों में 12 स्वीकृत फार्मासिस्ट पदों में से 8 खाली पड़े हैं। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों का वितरण और मरीजों की देखभाल प्रभावित हो रही है। इसके अलावा स्टाफ नर्स के 12, रेडियोग्राफर के 2, ओटीए के 2, मेल हेल्थ वर्कर के 22, फीमेल हेल्थ वर्कर के 15 पद रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को आनी अस्पताल से बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल आनी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप केंद्रों में भी डॉक्टरों और अन्य जरूरी स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे चल रही हैं।
इस समस्या को लेकर जनता कई बार सरकार से रिक्त पदों को भरने की मांग कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार का कहना है कि सरकार आनी की जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। उधर, आनी के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डाॅ. भागवत मेहता ने बताया कि सभी रिक्त पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है।