रक्छम, बटसेरी, थेमगारंग, छितकुल पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों का उपायुकत ने लिया जायजा
.सतलुज नदी के पास के गांवों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मंगलवार को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में हुई। इसमें सीमावर्ती गांवों में लंबित विकास कार्यों की समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अमित शर्मा ने रक्छम, बटसेरी, थेमगारंग और छितकुल ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सतलुज नदी के पास के गांवों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश दिया। पशुपालन विभाग को पशुपालकों को नई जानकारी और तकनीकों से जागरूक करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। उपायुक्त ने उद्यान विभाग के उप-निदेशक शमशेर सिंह डेहरू को निर्देश दिए। उन्हें सांगला घाटी की बटसेरी और थेमगारंग पंचायतों में पैकिंग और ग्रेडिंग हाउस स्थापित करने को कहा गया। इससे छोटे और सीमांत बागवानों को घर पर ही सुविधा मिलेगी। वे अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। शर्मा ने यह भी बताया कि खाब-नमज्ञा-शिपकिला सड़क को दुरुस्त किया जाएगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और स्थानीय आय बढ़ेगी। उपायुक्त ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा दीवारों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालकों को शिक्षित करने को कहा गया। इन कदमों से क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। खाब-नमज्ञा-शिपकिला सड़क की मरम्मत से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व विभागों में खाली पदों को भरने का आश्वासन दिया। इससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों में आसानी होगी। एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम के परियोजना अधिकारी घनश्याम दास शर्मा ने बैठक का संचालन किया।