रामपुर बुशहर। पंचायत समिति रामपुर में कांग्रेस अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बैठाने में सफल नहीं हो पाई है। आपसी कलह के चलते अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के एकजुट होने के दावों की पोल खुल रही है। वीरवार को पंचायत समिति की बैठक से अध्यक्ष पद की दावेदार ही गैरहाजिर रहीं। ऐसे में कांग्रेस अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई और अब मामला 11 फरवरी तक टल गया है।
वीरवार को पंचायत समिति सभागार बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने की। इसमें 18 सदस्यों में से केवल 10 ही मौजूद रहे और ये सदस्य भी कांग्रेस समर्थित थे। ऐसे में बहुमत साबित न करवाने के चलते अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का फैसला टल गया। एसडीएम ने मौजूद सदस्यों को अपना बहुमत साबित करने के लिए 30 मिनट का समय दिया, लेकिन कोई भी सदस्य बहुमत साबित नहीं कर पाया। ऐसे में अब 11 फरवरी को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का दिन तय किया गया।
गौरतलब है कि बीते दिनों रामपुर पंचायत समिति के कांग्रेस समर्थित सदस्य नारकंडा में प्रदेश कांग्रेस सचिव विक्रमादित्य सिंह से मिले थे। यहां पार्टी ने एकमत निर्णय से रामपुर पंस में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तय करने की बात कही थी, लेकिन वीरवार को एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान कांग्रेस अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तय नहीं कर पाई। अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार ही इस बैठक से नदारद रहीं। हालांकि, पंचायत समिति रामपुर में कांग्रेस समर्थित 11 सदस्य, भाजपा समर्थित 6 और एक निर्दलीय सदस्य चुनकर आया है।
ऐसे में बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस पंचायत समिति का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष किसको बनाना है, यह तय नहीं कर पा रही है। आपसी कलह के चलते जो नजारा वीरवार को देखने को मिला, उससे साबित होता है कि कांग्रेस में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए अंदरखाते खासी खिचड़ी पक रही है। पंस सदस्यों का आपस में समन्वय न होने के कारण अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चयन का फैसला 11 फरवरी को होगा। एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि 11 फरवरी को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। वीरवार को सहमति न बनने के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया। इस मौके बीडीओ केआर कपूर, पंचायत निरीक्षक सहित बीडीसी सदस्य मौजूद रहे।