नोग वैली के जगूनी गांव में सेब के पेड़ों में चल रहा फ्लावरिंग का दौर। संवाद
. सेब कारोबार की करोड़ों की आर्थिकी पर संकट के बादल
. बागवानों ने लगाई प्रदेश सरकार से राहत की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
इस बार मौसम बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर रहा है। मौसम की मार से सेब कारोबार की करोड़ों की आर्थिकी संकट के कगार पर खड़ी हो गई है। प्रभावित बागवानों ने प्रदेश सरकार से राहत की गुहार लगाई है। किसानों-बागवानों की चिंता बढ़ गई है। बेमौसमी बारिश और बर्फबारी के कारण सेब की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। निचले क्षेत्रों में बागवानों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फ्लाॅवरिंग का पहला चरण शुरू हो गया है। लगातार बारिश से तापमान गिर रहा है, जिससे परागण प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रात को तापमान में भारी गिरावट आने से फल की सेटिंग पर प्रभावित हो रही है। बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि सेब की सेटिंग के दौरान 15 से 17 डिग्री के मध्य तापमान आवश्यक होता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के बगीचों में पिंकबड स्टेज रही है। यदि अगले कुछ दिनों में मौसम खराब रहता है, तो सेब कारोबार को गहरा झटका लग सकता है। इससे बागवानों में मायूसी छाई है। प्रगतिशील बागवान पवन, बंसी लाल, गोविंद सिंह, हिम्मत सिंह, जगत सिंह, छतर सिंह, लायक राम, कुलदीप, प्रेम सिंह, दिनेश राज मेहता, अमित, दुर्गा सिंह सहित सैकड़ों बागवानों ने प्रदेश सरकार और बागवानी विभाग से ओलावृष्टि और बर्फबारी से बीते दिनों नुकसान का आकलन करने की मांग उठाई है। बागवानों का कहना है कि विभाग की ओर से न तो समय पर अनुदान पर दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं और न ही बागवानों से खरीदे गए सेब का पैसा मिल रहा है। बागवान बाजार से महंगे दाम पर बागवानी उपकरण और दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष प्रेम चौहान ने प्रदेश सरकार और बागवानी विभाग पर आरोप लगाया है कि न तो बागवानों को समय रहते अनुदान पर दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं और न ही एचपीएमसी की ओर से खरीदे गए सेब का भुगतान हो रहा है। बागवानों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। बागवानों का सेब समर्थन मूल्य का वर्ष 2024 और 2025 का बकाया सरकार के पास लंबित है। प्रेम चौहान ने बीते दिनों हुई भारी ओलावृष्टि और बर्फबारी से बागवानी को हुए नुकसान का आकलन कर बागवानों को राहत देने की मांग उठाई है।