जन कल्याण समिति 15/20 के सदस्य बैठक के दौरान। संवाद
मिल्कफेड अध्यक्ष के आश्वासन के बाद परियोजना प्रभावितों ने रद्द किया प्रदर्शन
विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि और मुआवजे की आस लगाए हैं प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। विधानसभा सत्र के समाप्त होते ही रामपुर परियोजना से प्रभावित 10 पंचायतों के लोगों के खातों में विद्युत उत्पादन और मुआवजे की राशि डाली जाएगी। मिल्कफेड अध्यक्ष के आश्वासन के बाद प्रभावित पंचायतों की जन कल्याण समिति 15/20 ने अपना विरोध-प्रदर्शन स्थगित कर दिया। सभा ने बुधवार से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी। रामपुर परियोजना से प्रभावित निरमंड उपमंडल की 10 पंचायतों के प्रभावित लंबे समय से विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि, फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा जारी करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन छह साल से समिति की मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं। मांगों को लेकर प्रभावितों का 26 नवंबर को निरमंड में विरोध-प्रदर्शन प्रस्तावित था। मंगलवार शाम को मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने जन कल्याण समिति 15/20 के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विधानसभा सत्र समाप्त होते ही प्रभावितों के खातों में लंबित राशि डाल दी जाएगी। समिति के सदस्यों ने बैठक कर इस फैसले का स्वागत किया और बुधवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को वापस ले लिया। समिति के अध्यक्ष चंदे राम ने कहा कि रामपुर परियोजना से प्रभावित 10 पंचायतों के ग्रामीण 6 साल से मुआवजे और विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि का इंतजार कर रहे हैं। सरकार, जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ग्रामीणों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। मिल्क फेड अध्यक्ष के आश्वासन के चलते अभी यह प्रदर्शन स्थगित कर लिया गया है। इस मौके पर समिति के उप प्रधान तुलसू राम, सचिव अमर सिंह, किरत राम, परस राम, यज्ञा राय, बहादुर सिंह, श्याम दास, सुरजीत, विजय कुमार, मान दास, केसरू राम, उमा शरण सहित अन्य मौजूद रहे।