बर्फबारी के बाद मां हाटू मंदिर परिसर का नजारा।
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। क्षेत्र के सबसे बड़े शक्तिपीठ माता हाटू के दर पर लंबे समय बाद नवंबर माह में बर्फबारी हुई है। इससे मंदिर और आसपास का नजारा मनमोहक बन गया है। हालांकि, हाटू में इतना हिमपात रिकॉर्ड नहीं किया गया, जितना यहां होता है। अभी मंदिर के कपाट खुले हैं। वहीं, यहां मंदिर के पुजारी और मंदिर कमेटी के सदस्य मंदिर परिसर में हैं, लेकिन हाटू मंदिर का संपर्क मार्ग बंद हो गया है। मंदिर कमेटी और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बर्फबारी से सड़क बंद हो गई है, इसके चलते मंदिर में वाहन लेकर न आएं। घर से ही माता की आराधना करें।
गौरतलब है कि मंदिर में सर्दियों के दौरान प्रकृति बर्फबारी से लॉकडाउन लगा देती है। यहां छह से दस फीट तक बर्फ पड़ती है, जिसके कारण मंदिर मार्च तक बंद रहता है। मई में यहां जेठ के रविवार को मेले का आयोजन किया जाता है। हाटू मंदिर ऊपरी शिमला के लोगों का आस्था का प्रतीक है, वहीं देश विदेश से भी श्रद्धालु यहां माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कंवर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बर्फबारी में लोग मंदिर न आएं, जब तक पूरी तरह से सड़क बहाल नहीं हो जाती। हालांकि, मंदिर खुला हुआ है। वहीं, एसडीएम कुमारसैन गुंजीत सिंह चीमा ने लोगों से अपील की है कि हाटू मार्ग पर ताजा हिमपात हुआ है, जिसके कारण सड़क बंद है। ऐसे में वाहन लेकर इस मार्ग पर न आएं। सड़क संकरी है और इसमें चढ़ाई भी है। सड़क में फिसलन बनी रहती है, जिससे हादसा होने की संभावना रहती है। इसलिए घर से ही माता की आराधना करें।