. लावारिस पशुओं से हो रहे हादसे, फसलों को भी कर रहे बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
कोटखाई क्षेत्र में बड़ी संख्या में लावारिस पशु सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे हैं। उपायुक्त ने 1 जनवरी तक लावारिस पशुओं को गोसदनों में भेजने का आदेश जारी किया था। इसके बावाजूद कड़ाके की सर्दी में लावारिस पशु सड़कों पर नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार छोड़े गए लावारिस पशु कई बार जंगली जानवरों का शिकार बन जाते हैं। कई बार ये तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल भी हो रहे हैं। इसके अलावा पशु बागवानों के बगीचों और खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे बागवान भी परेशान हैं। उपायुक्त शिमला ने 1 जनवरी से लावारिस पशुओं को गोसदनों में भेजने की बात कही थी। इसके लिए 15 दिसंबर को सभी एसडीएम, पटवारी और पंचायत सचिवों को आदेश जारी किया था, जिसमें लावारिस पशुओं की सूचना एकत्र करने और उन्हें गोसदन भेजने के लिए कहा था। हालांकि, प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कोटखाई और अन्य क्षेत्रों में आज भी सड़कों पर लावारिस पशु घूमते हुए नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए और जल्द सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को सुरक्षित रूप से गोसदनों में पहुंचाना चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगे और बागवानों को हो रहे नुकसान से राहत मिल सके।
कुछ समय पहले दो-तीन गाड़ियां लावारिस पशुओं की यहां से भेजी गई थीं। अन्य पशुओं को भेजने का भी जल्द इंतजाम किया जाएगा।
- अभिषेक बरवाल, एसडीएम कोटखाई